रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : चम्पावत ने रचा इतिहास यूसीसी पंजीकरण मे राज्य में प्रथम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हेतु सम्मानित
Laxman Singh Bisht
Tue, Jan 27, 2026
चम्पावत ने रचा इतिहास यूसीसी पंजीकरण मे राज्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हेतु सम्मानित
प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए जनपद चम्पावत को राज्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान मंगलवार को देहरादून स्थित हिमालयन कल्चरल सेंटर, गढ़ी कैंट में आयोजित प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस” समारोह के दौरान प्रदान किया गया।इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समान नागरिक संहिता को सामाजिक समरसता, समान अधिकार और सशक्त प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने संहिता का प्रारूप तैयार करने वाली समिति के सदस्यों, इसके सफल क्रियान्वयन में जुटे प्रशासनिक अधिकारियों तथा पंजीकरण कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वीएलसी को भी सम्मानित किया।इसी क्रम में राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जनपद चम्पावत को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। जनपद ने जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के कुशल नेतृत्व में समान नागरिक संहिता के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित कर एक मिसाल कायम की है। वर्तमान तक जनपद में 24,700 से अधिक नागरिकों ने समान नागरिक संहिता के अंतर्गत पंजीकरण करवा लिया है, जो जनजागरूकता और प्रशासनिक समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।जिलाधिकारी मनीष कुमार के प्रतिनिधि के रूप में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती ने यह सम्मान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से ग्रहण किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के दो उपनिबंधकों रीता बिष्ट एवं दीपक चन्द्र को भी समान नागरिक संहिता के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य निष्पादन हेतु व्यक्तिगत रूप से सम्मानित किया गया।जिलाधिकारी मनीष कुमार ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर जनपदवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान प्रशासन और जनता के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे आगे आकर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं, जिससे समान नागरिक संहिता के उद्देश्यों को पूर्ण रूप से साकार किया जा सके।जनपद चम्पावत की यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जागरूक नागरिक सहभागिता से शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारा जा सकता है।