Tuesday 7th of July 2026

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बाराकोट:गुलदार का आतंक चूला गाव में गुलदार ने दुधारू गाय को घर के आंगन मे उतारा मौत के घाट।

लोहाघाट:सेवा पखवाड़ा: खूनाबोरा मे डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, मौके पर दिए समाधान के निर्देश।

लोहाघाट:सील में जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार शिविर स्थगित होने पर ग्रामीणों में नाराजगी।

चंपावत:पशुपालन विभाग और आईटीबीपी के एमओयू से पशुपालक समृद्ध: लोहाघाट में 496 किलो जिंदा बकरियों की आपूर्ति

लोहाघाट:खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई; लोहाघाट और मानेश्वर में विभिन्न दुकानों व फास्ट फूड सेंटरों का औचक निरीक्षण।

सूचना

रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : सहकारी समिति, दूबड़ की एसआईटी जांच के लिए लोग हुए मुखर। आधा दर्जन गांवों के लोगों का दिन का चैन एवं उड़ी रात की नींद

Laxman Singh Bisht

Tue, Apr 1, 2025

साधन सहकारी समिति,दूबड़ मै हुआ करोड़ो रुपए के घोटाले का कथित मामला ।चंपावत। पाटी ब्लॉक के आधा दर्जन गांव के लोगों के साधन सहकारी समिति दूबड़ से नोटिस मिलने के बाद लगभग 350 से 400 बकायादारों उनके होश उड़े हुए हैं। नोटिस मिलने के बाद 4 मार्च से लोगों ने पहले समिति के आगे धरना दिया,जिसमें उन्हें 20 दिन बाद जांच की रिपोर्ट देने का प्रशासन ने वायदा किया था, लेकिन वायदाखिलाफी से गुस्साए ग्रामीणों ने 24 मार्च से आमरण अनशन शुरू कर दिया। सोमवार को आमरण अनशन कर रहे बाली राम एवं खष्टी बल्लभ को प्रशाशन ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अस्पताल में भर्ती करा दिया। अब यहां आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नरेंद्र उत्तराखंडी समेत केशव दत्त,त्रिभुवन सकलानी,खुशाल सिंह बोहरा एवं काशीराम क्रमिक अनशन में बैठ गए हैं। इस आंदोलन में खरही,बलातड़ी, करौली,सकदेना, टाक बलवाड़ी एवं निलौटी गांव के लोग सम्मिलित हैं। धरना स्थल हुई सभा में ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त था कि उन्होंने अपनी खेती बाड़ी एवं अन्य सुविधाओं के लिए उक्त समिति से ऋण लिया था लेकिन समिति के संचालकों ने ग्रामीणों को धोखा देकर उनके नाम लाखों रुपए की वसूली।निकाली गई। इनमें जयराम पुत्र धरराम ने कहा कि उसने अपनी लड़की की शादी के लिए पचास हजार का ऋण लिया था,जिसकी अदायगी उसने एक साल में ही कर दी थी लेकिन उसके नाम पर तीन लाख रुपए का ऋण दिखाकर अब उससे छः लाख रुपए की वसूली की जा रही है। लोगों का यह भी कहना है कि उन्हें आंदोलन करने का कोई शौक नहीं है, वे मेहनत मजदूरी करने वाले लोग हैं। इस गबन का खुलासा न होने से कई ऐसे लोगों को अनावश्यक दिल की बीमारी पैदा हो गई है जो इस घटना का दंश नहीं झेल पा रहे हैं।

अब सबकी नजरें डीएम नवनीत पाण्डे पर पड़ी हैं।चंपावत। डेढ़ माह के प्रशिक्षण से लौट कर आए डीएम नवनीत पाण्डे से लोगों की बहुत बड़ी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि जिलाधिकारी के आने के बाद वे इस मामले में प्रभावी कार्यवाही कर पीड़ितों के साथ शीघ्र ही इंसाफ करेंगे।

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