रिपोर्ट :लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:100 बसो से लोहाघाट डिपो को मिली मात्र दो बस ऊंट के मुंह में जीरा।
Laxman Singh Bisht
Sat, Jan 3, 2026
100 बसो से लोहाघाट डिपो को मिली मात्र दो बस ऊंट के मुंह में जीरा।
बसों की कमी से जूझ रहा है उत्तराखंड परिवहन निगम का सबसे पुराना डिपो।
33 बसों के बेड़े से 11 बसे कर चुकी है समय पूरा। एक बस में लग चुकी है आग।
चंपावत जिले का उत्तराखंड परिवहन निगम का सबसे पुराना लोहाघाट डिपो लंबे समय से बसों की कमी से जूझ रहा है। जिसके चलते यात्रियों को कहीं दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और डिपो में जो बसे है उनमें से कई बसें अपना समय पूरा कर चुकी हैं तथा कईयों की हालत बदहाल है। जिस कारण कई महत्वपूर्ण रूटों में बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। उत्तराखंड सरकार के द्वारा अभी 100 बसें खरीदी गई लोगों व रोडवेज कर्मियों को आशा थी कि कम से कम 15 बसे लोहाघाट डिपो को मिलेंगी जिससे डिपो की हालत सुधरेगी पर सरकार के द्वारा लोहाघाट डिपो को मात्र दो बसें थमा दी गई है जो कि ऊंट के मुंह में जीरा का काम कर रही है। लोहाघाट डिपो के एजीएम धीरेंद्र वर्मा के मुताबिक डिपो में बसों की भारी कमी है डीपो को कम से कम अभी 15 से 20 नई बसों की जरूरत है। उन्होंने बताया अभी डिपो को नई बसों में से सिर्फ दो बसें ही मिल पाई है ।
जिन्हें देहरादून रोड पर चलाया जाएगा वर्मा ने बताया डिपो में फिलहाल 33 बसे हैं जिनमें से 11 बसे अपना समय पूरा कर चुकी है तथा एक बस में आग लग चुकी है। मामले में लोगों में गहरी नाराजगी है लोगों ने कहा लोहाघाट डिपो की हालत बद से बदतर होते जा रही है जो डिपो पहले कमाई के क्षेत्र में नंबर वन था। अब बसो की कमी के चलते काफी नीचे आ चुका है। लोगों ने सरकार से लोहाघाट डिपो को कम से कम 15 नई बसे देने की मांग की है। फिलहाल इस महत्वपूर्ण मामले में कोई भी जनप्रतिनिधि आवाज उठाने के लिए तैयार नहीं है।