: लोहाघाट:तीन बार कॉल करने के बाद भी नहीं मिली 1962 की सेवा ग्राम प्रशासक प्रतिनिधि ने 1962 कर्मियों पर लगाया धमकाने का आरोप
Laxman Singh Bisht
Sun, Feb 16, 2025
तीन बार कॉल करने के बाद भी नहीं मिली 1962 की सेवा ग्राम प्रशासक प्रतिनिधि ने 1962 कर्मियों पर लगाया धमकाने का आरोप
सरकार द्वारा पशुओं के उपचार के लिए 1962 जैसी जनकल्याणकारी सेवा संचालित की गई है इस पशु एंबुलेंस के द्वारा दूरस्थ क्षेत्र के पशुपालकों को अपने पशुओं का उपचार करने में बड़ी मदद मिल रही है तो वही लोहाघाट ब्लॉक के दूरस्थ सीमांत सुल्ला गांव के ग्राम प्रधान प्रशासक त्रिलोक सिंह ने लोहाघाट पशु चिकित्सालय के 1962 कर्मियों में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा उनके बेल के आंख में डेढ़ माह पूर्व गंभीर चोट लगी थी वह तीन बार 1962 में कॉल कर चुके हैं लेकिन उसके बावजूद लोहाघाट के 1962 कर्मियों के द्वारा उनके बेल का उपचार नहीं किया गया ना ही एंबुलेंस उनके गांव में आई त्रिलोक सिंह ने बताया कॉल करने पर उनकी पशु चिकित्सक से कांफ्रेंस में बात कर दी जाती है डॉक्टर की राय पर वह 40 किलोमीटर दूर लोहाघाट आकर मेडिकल स्टोर से दवा ला चुके हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ
उन्होंने बताया उनके द्वारा आज फिर 1962 में कॉल की गई लेकिन 1962 कर्मियों के द्वारा एंबुलेंस खराब होने व पाटी जाने की बात कह कर टाल दिया गया जब उन्होंने उनकी शिकायत करने की बात कही तो 1962 कर्मियों ने उन्हें धमकाते हुए कहा जहां शिकायत करनी है कर लो हम नहीं आएंगे उन्होंने कहा वह अपने बैल को उपचार के लिए 40 किलोमीटर दूर लोहाघाट लाने मैं असमर्थ हैं त्रिलोक सिंह ने कहा 1962 कर्मी सरकार की इस जन कल्याणकारी योजना में पलीता लगा रहे हैं जिसकी शिकायत अब वह मुख्यमंत्री पोर्टल से करेंगे उन्होंने खिलाफ जिला पशु चिकित्सा अधिकारी से उनके घायल बेल का उपचार करने तथा 1962 कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है
वही 1962 कर्मियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है अब आरोपो में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा
सरकार द्वारा पशुओं के उपचार के लिए 1962 जैसी जनकल्याणकारी सेवा संचालित की गई है इस पशु एंबुलेंस के द्वारा दूरस्थ क्षेत्र के पशुपालकों को अपने पशुओं का उपचार करने में बड़ी मदद मिल रही है तो वही लोहाघाट ब्लॉक के दूरस्थ सीमांत सुल्ला गांव के ग्राम प्रधान प्रशासक त्रिलोक सिंह ने लोहाघाट पशु चिकित्सालय के 1962 कर्मियों में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा उनके बेल के आंख में डेढ़ माह पूर्व गंभीर चोट लगी थी वह तीन बार 1962 में कॉल कर चुके हैं लेकिन उसके बावजूद लोहाघाट के 1962 कर्मियों के द्वारा उनके बेल का उपचार नहीं किया गया ना ही एंबुलेंस उनके गांव में आई त्रिलोक सिंह ने बताया कॉल करने पर उनकी पशु चिकित्सक से कांफ्रेंस में बात कर दी जाती है डॉक्टर की राय पर वह 40 किलोमीटर दूर लोहाघाट आकर मेडिकल स्टोर से दवा ला चुके हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ
उन्होंने बताया उनके द्वारा आज फिर 1962 में कॉल की गई लेकिन 1962 कर्मियों के द्वारा एंबुलेंस खराब होने व पाटी जाने की बात कह कर टाल दिया गया जब उन्होंने उनकी शिकायत करने की बात कही तो 1962 कर्मियों ने उन्हें धमकाते हुए कहा जहां शिकायत करनी है कर लो हम नहीं आएंगे उन्होंने कहा वह अपने बैल को उपचार के लिए 40 किलोमीटर दूर लोहाघाट लाने मैं असमर्थ हैं त्रिलोक सिंह ने कहा 1962 कर्मी सरकार की इस जन कल्याणकारी योजना में पलीता लगा रहे हैं जिसकी शिकायत अब वह मुख्यमंत्री पोर्टल से करेंगे उन्होंने खिलाफ जिला पशु चिकित्सा अधिकारी से उनके घायल बेल का उपचार करने तथा 1962 कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है
वही 1962 कर्मियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है अब आरोपो में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा