: हरिद्वार:सामाजिक संस्था ने 170 लावारिस लोगों की अस्थियो का गंगा में किया विसर्जन
Laxman Singh Bisht
Sat, Feb 15, 2025
सामाजिक संस्था ने 170 लावारिस लोगों की अस्थियो का गंगा में किया विसर्जन
समाज में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं इसी क्रम में दिल्ली की एक सामाजिक संस्था अभिनव से जुड़े लोगों ने 170 लावारिस लोगों की अस्थियों को मां गंगा में विसर्जित किया । कनखल के सती घाट पर पंडित विनय प्रधान ने पूरे विधि विधान के साथ विसर्जन संस्कार संपन्न कराया। ये सभी अस्थियां समाजसेवियों के द्वारा दिल्ली के श्मशान घाटों से एकत्रित की गई थी। संस्था से जुड़े लोग तीसरी बार अस्थियां एकत्रित कर हरिद्वार पहुंचे और अब तक 370 लावारिस अस्थियों को मां गंगा में विसर्जित कर चुके हैं। स्वयंसेवियों ने कहा संस्था का उद्देश्य है कि मृत्यु के पश्चात लावारिस लोगों की आत्मा को शांति और मोक्ष मिल सके।अभिनव समाज संस्था के संस्थापक जी.के गुप्ता ने बताया कि दिल्ली के श्मशान घाटों पर बड़ी संख्या में लावारिस अस्थियां पड़ी रहती हैं। कइयों का अंतिम संस्कार पुलिस के द्वारा कराया जाता है तो कई लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने के बाद अस्थियों को लावारिस छोड़ जाते हैं। उनकी संस्था से जुड़े लोग श्मशान घाटों से लावारिस अस्थियां एकत्र करते हैं और फिर हरिद्वार लाकर विधि विधान के साथ मां गंगा में विसर्जित कर देते हैं। उन्होंने कहा कि लावारिस व्यक्तियों की अस्थियों को गंगा में विसर्जित करने से मन को शांति मिलती है। तथा मृत आत्माओं को शांति
समाज में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं इसी क्रम में दिल्ली की एक सामाजिक संस्था अभिनव से जुड़े लोगों ने 170 लावारिस लोगों की अस्थियों को मां गंगा में विसर्जित किया । कनखल के सती घाट पर पंडित विनय प्रधान ने पूरे विधि विधान के साथ विसर्जन संस्कार संपन्न कराया। ये सभी अस्थियां समाजसेवियों के द्वारा दिल्ली के श्मशान घाटों से एकत्रित की गई थी। संस्था से जुड़े लोग तीसरी बार अस्थियां एकत्रित कर हरिद्वार पहुंचे और अब तक 370 लावारिस अस्थियों को मां गंगा में विसर्जित कर चुके हैं। स्वयंसेवियों ने कहा संस्था का उद्देश्य है कि मृत्यु के पश्चात लावारिस लोगों की आत्मा को शांति और मोक्ष मिल सके।अभिनव समाज संस्था के संस्थापक जी.के गुप्ता ने बताया कि दिल्ली के श्मशान घाटों पर बड़ी संख्या में लावारिस अस्थियां पड़ी रहती हैं। कइयों का अंतिम संस्कार पुलिस के द्वारा कराया जाता है तो कई लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने के बाद अस्थियों को लावारिस छोड़ जाते हैं। उनकी संस्था से जुड़े लोग श्मशान घाटों से लावारिस अस्थियां एकत्र करते हैं और फिर हरिद्वार लाकर विधि विधान के साथ मां गंगा में विसर्जित कर देते हैं। उन्होंने कहा कि लावारिस व्यक्तियों की अस्थियों को गंगा में विसर्जित करने से मन को शांति मिलती है। तथा मृत आत्माओं को शांति