रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : लोहाघाट:20 साल से सड़क में नहीं हुआ डामरीकरण ग्रामीणों का पीडब्ल्यूडी कार्यालय मे हंगामा /एसडीएम कार्यालय में लगे नारे
Laxman Singh Bisht
Mon, Apr 28, 2025
एसडीएम कार्यालय में लगे रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे ।पीडब्लूडी पर लगाए कमीशन खोरी के आरोप। सीएम पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्यवाही।
लोहाघाट।चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक में बीस साल पहले कटी मरोड़ाखान तल्ला बंतोली सड़क में डामरीकरण ना होने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया ।सोमवार को ग्राम प्रधान प्रशासक नारायण सिंह फर्त्याल के नेतृत्व में गांव के सभी महिला व पुरुष एसडीएम कार्यालय लोहाघाट पहुंचे। आक्रोशित ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाते हुए सड़क में डामरीकरण की मांग करते हुए एसडीएम को ज्ञापन दिया। जिसके बाद सभी ग्रामीण पीडब्ल्यूडी कार्यालय लोहाघाट पहुंचे
लेकिन कार्यालय में किसी भी अधिकारी के न मिलने से ग्रामीण भड़क गए और उन्होंने हंगामा काटना शुरु कर दिया तथा कार्यालय के बाहर धरने में बैठे गए।ग्रामीणों ने विभाग पर भ्रष्टाचार व कमीशन खोरी के गंभीर आरोप लगाए। काफी देर के बाद अभियंता कैलाश आर्य व कनिष्ठ अभियंता बबीता मौके पर पहुंची ।ग्रामीणों ने दोनों अभियंताओं का घिराव कर हंगामा शुरू कर दिया तथा सड़क में डामरीकरण की मांग की इस दौरान ग्रामीणों ने दोनों अभियंताओं को काफी खरी-खोटी सुनाई। दोनों अभियंताओं के द्वारा ग्रामीणों को दो दिन के भीतर कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने कमीशन खोरी बंद करो के नारे लगाए।
ग्राम प्रधान प्रशासक नारायण फर्त्याल व ग्रामीणों ने बताया 20 वर्ष पूर्व कट चुकी सड़क मे वर्तमान में एक किलोमीटर डामरीकरण का कार्य जिला योजना से प्रस्तावित हुआ है ।लेकिन पीडब्लूडी की लापरवाही व ठेकेदार के साथ मिली भगत के चलते अभी तक कार्य शुरू नहीं किया गया है ।ठेकेदार का द्वारा सड़क में डाले गए रोड़ों की वजह से ग्रामीणों का पैदल चलना मुश्किल हो रहा है ।विभाग के अधिकारियों से बार-बार कहने के बाद सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है ।बताया जिला योजना से एक किलोमीटर डामरीकरण प्रस्तावित है पर विभाग मात्र सात सौ मीटर डामरीकरण की बात कर रहा है। ग्रामीणों ने कहा सीएम पोर्टल में शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।बताया 2022 विधानसभा चुनाव में ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया था जिसमें जिलाधिकारी के द्वारा सड़क में डामरीकरण का आश्वासन दिया गया था ।जिसके बाद ग्रामीणों ने मतदान किया। लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी सड़क में डामरीकरण नहीं हो पाया।
ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह पंचायत चुनाव बहिष्कार के साथ-साथ पीडब्ल्यूडी कार्यालय लोहाघाट में तालाबंदी कर देंगे। मामले को लेकर ग्रामीण डीएम चंपावत से मिलने को रवाना हुए। मामले में महिलाओं में काफी आक्रोश देखने को मिला महिलाओं ने कहा सड़क न होने से कई दिक्कतों का सामना ग्रामीणों को करना पड़ता है बीमार व गर्भवती महिलाओं को डोली के सहारे सड़क तक लाना पड़ता है ।महिलाओं ने कहा वह गेहूं कटाई व अन्य कार्य छोड़कर सरकारी कार्यालय के धक्के खा रही है।
20 साल से सड़क में डामरीकरण ना होना काफी शर्मनाक मामला है महिलाओं ने कहा यह कैसा आदर्श जिला चंपावत है। अब देखना है विभाग कब तक मामले का संज्ञान लेकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान करता है।इस दौरान राजेंद्र सिंह ,मानसिंह ,कमल सिंह ,निर्मल सिंह ,किशन सिंह, गणेश सिंह ,मनोहर सिंह ,रोहित सिंह ,दीपक सिंह ,मयंक सिंह, प्रदीप सिंह ,पुष्कर सिंह, नेहा फर्त्याल,नंदा फर्त्याल,ललिता देवी ,वंदना फर्त्याल,आरजू ,प्रियंका देवी , गीता देवी, गिरीश सिंह ,पीयूष सिंह ,सचिन ,विजय सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।