Tuesday 7th of July 2026

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लोहाघाट:खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई; लोहाघाट और मानेश्वर में विभिन्न दुकानों व फास्ट फूड सेंटरों का औचक निरीक्षण।

सूचना

रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:लोहावती नदी में धड़ल्ले से बहाया जा रहा है गंदगी व सीवर दूषित पेयजल की आपूर्ति।

Laxman Singh Bisht

Sat, Jan 3, 2026

लोहावती नदी में धड़ल्ले से बहाया जा रहा है गंदगी व सीवर दूषित पेयजल की आपूर्ति।

नहीं बना है वाटर ट्रीटमेंट प्लांट। कई बीमारियों से लोग पीड़ित।

नालियों में पड़ी है जल संस्थान की पेयजल लाइने मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई। ऐसी ही किसी बड़ी घटना का खतरा अब चंपावत जिले के लोहाघाट में भी मंडरा रहा है। लोहाघाट की लोहावती नदी में नगर का सीवर व गंदगी धड़ल्ले से बहाई जा रही है। जिस कारण लोहावती नदी पूरी तरह दूषित हो चुकी है। लोहावती नदी का यह दूषित पानी चौड़ी पंप हाउस के माध्यम से लोगों के घरों में पेयजल के रूप में उपलब्ध होता है। लोहावती नदी का पानी साफ करने के लिए कोई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक नहीं बना है। नगर के गंदे पानी व सीवर को बहाने के लिए लोहाघाट नगर में कोई सीवर लाइन नहीं बनी है। नगर पालिका की नालियों से बहता हुआ गंदा पानी सीधे लोहावती में मिल रहा है। जिस कारण नगर के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर है ।नगर के लोग टाइफाइड ,पीलिया तथा पेट संबंधी कई बीमारियों से ग्रसित है। हालांकि सरकार के द्वारा नमामि गंगे योजना संचालित की गई है योजना के तहत कुछ दिन लोहावती नदी के किनारे स्वच्छता अभियान चलाए जाते हैं पर लोहावती को साफ स्वच्छ रखने की ओर कोई बड़ा कदम अभी तक ना तो सरकार न प्रशासन और ना ही पालिका के द्वारा उठाया गया है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है ।नगर वासी कई बीमारियों से ग्रसित हो चुके है। लोहावती की सहायक बाडीगाड़ को भी लोगों के द्वारा पूरी तरह दूषित किया जा चुका है। इसमें भी खुलकर सीवर व गंदगी बहाई जा रही है। अगर अभी समय रहते लोहावती को साफ स्वच्छ करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया तो यहां भी कभी इंदौर जैसी घटना देखने को मिल सकती है। और लोहावती का अस्तित्व समाप्त हो सकता है। चंपावत जिले की नदियां गंदगी बहाने का माध्यम बन चुकी है। इसके अलावा जल संस्थान के द्वारा पेयजल लाइनों को पालिका की नालियों में बिछा दिया गया है जिस कारण पाइप लाइने लीक होने से नालियों का गंदा पानी लोगों के घरों में पहुंच रहा है। लोगों का कहना है लोहावती नदी को स्वच्छ बनाने के लिए ना तो सरकार गंभीर है और ना शासन पर शासन। इंदौर घटना से सबक लेना चाहिए।

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