रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : लोहाघाट:पर्वतीय क्षेत्रों में पांचवीं अनुसूची हो लागू : एडवोकेट लोकमान अधिकारी
Laxman Singh Bisht
Mon, Apr 14, 2025
पर्वतीय क्षेत्रों में पांचवीं अनुसूची हो लागू : एडवोकेट लोकमान अधिकारी
युवा अधिवक्ता लोकमान अधिकारी (कृष्णा) ने प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में पांचवीं अनुसूची लागू करने की मांग की है। जिससे परिसीमन में पर्वतीय क्षेत्रों की विधानसभा सीटें कम न हो सकें।,परिसीमन में पर्वतीय इलाकों में परिसीमन का मूल आधार जनसंख्या है। इससे विधानसभा की सीटें घटेंगी। पांचवीं अनुसूची लागू होने से जल, जंगल, जमीन की रक्षा हो सकेगी। 1972 से पहले उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में संविधान की पांचवीं अनुसूची लागू थी। 1995 तक पहाड़ के लोगों को 6 प्रतिशत आरक्षण मिलता था। राज्य को पांचवीं अनुसूची के तहत अनुसूचित जनजाति का दर्ज मिल जाता है।, तो जल जंगल जमीन का अधिकार स्वतः ही मिल जाएगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा प्रदेश सरकार विधानसभा में पांचवीं अनुसूची का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजे।