रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:डीएम के निर्देश के बाद भी नहीं हुआ नोले का कायाकल्प क्षेत्र वासियों में भारी आक्रोश।
Laxman Singh Bisht
Sun, Jan 25, 2026
डीएम के निर्देश के बाद भी नहीं हुआ नोले का कायाकल्प क्षेत्र वासियों में भारी आक्रोश।
जेजेएम योजना का भी नहीं मिल पा रहा है लाभ। धारो से पानी ढोने को मजबूर लोग।
अधिकारी बने मूक दर्शक बजट का रोया रोना।
सरकार योजनाएं तो चलाती है पर धरातल पर नहीं उतर पाती। जिम्मेदार कौन?
धामी सरकार के द्वारा एक बड़ी महत्वपूर्ण योजना चलाई गई है योजना के तहत सभी जिलों के पुराने नौलों,धारों व जल स्रोतों का संरक्षण कर उन्हें पुनर्जीवन देना है। पर चंपावत जिले में अधिकारी इसके प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे। इसका उदाहरण है लोहाघाट के तल्ला चांदमारी के सीडर वैली क्षेत्र के प्राचीन नौले की दुर्दशा। यह नौला कभी साफ स्वच्छ जल से लबालब भरा रहता था ।दूर-दूर से लोग आकर इस नौले से जल भरा करते थे पर आज यह नौला गंदे व बदबूदार पानी से भरा पड़ा हुआ है ।कई बार क्षेत्रीय लोगों के द्वारा इस नौले की सफाई की गई पर नौले के अगल-बगल से बहने वाले गंदे नालों का पानी रिसकर इस नौले को दूषित कर रहा है। इस क्षेत्र में काफी आबादी निवास करती है।
आज रविवार को क्षेत्र वासियों ने जानकारी देते हुए बताया लंबे समय से नौला दूषित हो चुका है कई बार उनके द्वारा प्रयास किए गए और सफल नहीं हो पाए ।उन्होंने बताया इसके अगल-बगल से बहने वाले नालो का गंदा पानी नौले को पूरी तरह दूषित कर चुका है। उन्होंने बताया मामले में उनके द्वारा लोहाघाट विधायक से भी मदद मांगी गई पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया कहा कई बार विभागीय अधिकारियों के सामने भी समस्या को रखा पर किसी ने उनकी नहीं सुनी। लोगों ने कहा इस बार चंपावत में जिलाधिकारी के जनता मिलन कार्यक्रम में भी इस समस्या को प्रमुखता से रखा गया था और जिलाधिकारी के द्वारा कृषि विभाग व ब्लॉक कार्यालय लोहाघाट के अधिकारियों को समस्या के समाधान के लिए निर्देशित किया गया था।
लोगों ने कहा कृषि व खंड विकास कार्यालय लोहाघाट के अधिकारियों ने बजट की कमी का रोना रोते हुए समस्या के समाधान के लिए हाथ खड़े कर दिए हैं। लोगों ने कहा इस क्षेत्र में पेयजल की भारी दिक्कत वर्ष भर बनी रहती है। हर घर जल हर घर नल योजना का भी कोई लाभ उन्हें नहीं मिल पाया है। पेयजल के लिए उन्हें कई किलोमीटर दूर जाकर नर्सरी व अक्कलधारे से पानी ढोना पड़ता है। लोगों ने लाखों रुपए खर्च कर कुएं खुदा रखे है। लोगों ने कहा अगर शासन प्रशासन इस नौले के रखरखाव में ध्यान दें तो यह नौला फिर से इस क्षेत्र की जनता को साफ स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा सकता है। उन्होंने जिलाधिकारी चंपावत से नौले के अगल-बगल बहने वाले नालों का पुनः निर्माण कर पटाल से ढकने तथा नौले का जीणोद्धार कर इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग की है उन्होंने कहा क्षेत्रवासी प्रशासन का पूर्ण सहयोग करेंगे।
उन्होंने बताया बरसात में नालिया बंद होने से नौला ऊपर तक भर जाता है जिस कारण यहां पर दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रहता है। लोगों ने नौले के पास सोलर लाइट लगाने तथा इस क्षेत्र में सोलर हैंड पंप खोदने की भी मांग की है। उन्होंने कहा इस क्षेत्र की जनता बरसों से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रही है पर उनकी सुनने को कोई तैयार नहीं है। कहा सरकार योजना तो चलती है पर योजनाएं धरातल पर नहीं उतरती है जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। और अधिकारी जिला अधिकारी के निर्देश के बावजूद भी समस्या का समाधान करने को तैयार नहीं है। मामले को लेकर क्षेत्र वासियों में गहरी नाराजगी है।
इस दौरान महेश्वरी देवी, उमा देवी ,सोनी, भूमा देवी, दीपा देवी, मालती देवी, सुनीता देवी, पूजा देवी, हेमा भट्ट, रामू अधिकारी, राजू पंत ,पंकज जोशी, नरसिंह, भवानी दत्त ,पुष्कर सिंह, दीवान सिंह ,पंकज चिलकोटी, पुष्कर सामंत ,प्रकाश भट्ट ,नरेश भट्ट, ईश्वर महरा ,जगदीश पाटनी,पप्पू पाटनी, कैलाश पाटनी ,चंद्रवल्लभ बिष्ट, कमल सिंह आदि मौजूद रहे।











