रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : लोहाघाट:पासम असलाड़ सड़क में जान हथेली में यात्रा करने को मजबूर एसएसबी के जवान व ग्रामीण। जानलेवा बनी सड़क ।
Laxman Singh Bisht
Sun, Jun 8, 2025
सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमांत सड़क बदहाल हालत में। कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना।
ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर लगाए लापरवाही के गंभीर आरोप।
आदर्श जिला चंपावत में सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रो की सड़कों के क्या हाल है इसका जीता जाता उदाहरण लोहाघाट ब्लॉक की सीमांत पासम असलाड़ सड़क में देखा जा सकता है। सड़क दुर्घटनाओं को दावत देती नजर आ रही है। इस जानलेवा सड़क में एसएसबी के जवान व ग्रामीण यात्रा करने को मजबूर है। पासम ग्राम प्रधान प्रशासक चंद्रकांत तिवारी व कृष्णा अधिकारी तथा प्रकाश सिंह सामंत ने बताया लगभग वर्ष 2004 में सड़क का निर्माण कार्य हुआ था कई वर्ष पहले सड़क में तीन किलोमीटर हिस्से में डामरीकरण किया गया था।
पर अब सड़क में डामरीकरण का नामोनिशान तक नहीं है। सड़क मटियानी बैंड से लेकर असलाड़ एसएसबी कैंप तक जानलेवा बनी हुई है जिसमें कभी भी बड़ी दुर्घटना देखने को मिल सकती है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कई बार लोक निर्माण विभाग लोहाघाट के दफ्तरों के चक्कर काटे तथा अधिकारियों से सड़क में डामरीकरण व सुधारीकरण की मांग की गई थी पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। आरोप लगाते हुए कहा विभाग द्वारा जेसीबी भेज दी जाती है पर चालक काम में टाल मटोल कर अपने घंटे बनाकर चला जाता है। विभाग का कोई भी अभियंता सड़क के हाल जानने तक नहीं आता है। बरसात में सड़क पूरी तरह जानलेवा बन जाती है ।
जनप्रतिनिधियों ने कहा अगर सड़क में कोई घटना दुर्घटना होती है उसकी पूरी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की होगी ।कहा असलाड़ में एसएसबी की चौकी है सुरक्षा की दृष्टि से भी सड़क काफी महत्वपूर्ण है । ग्रामीणों ने कहा उनकी सुध न तो क्षेत्रीय विधायक ले रहे हैं ना ही शासन प्रशासन में बैठे अधिकारी और ना ही लोक निर्माण विभाग के द्वारा सड़क की सुध ली जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने कहा जल्द मामले में डीएम चंपावत के सामने समस्या रखी जाएगी अगर मामले की सुध नहीं ली जाती है तो पूरे क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन को मजबूर होगी कहा सीमांत क्षेत्र की सड़के बदहाल बनी हुई है। मामले में लोक निर्माण विभाग लोहाघाट के अधिशासी अभियंता हितेश कांडपाल ने कहा डामरीकरण व सड़क सुधारीकरण का ईस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा तथा वैकल्पिक व्यवस्था के लिए संबंधित अभियंता को जेसीबी मशीन के साथ भेज कर दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र में सड़क को ठीक किया जाएगा।
फिलहाल मामले में ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। शासन प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क का जल्द संज्ञान लेकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान करना चाहिए।