रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट: पांच गांव सुंई व बीस गांव बिशंग के प्रसिद्ध आषाढी महोत्सव का वायु रथ यात्रा के साथ हुआ समापन।
लोहाघाट: पांच गांव सुंई व बीस गांव बिशंग के प्रसिद्ध आषाढी महोत्सव का वायु रथ यात्रा के साथ हुआ समापन।

हजारों श्रद्धालुओं ने लिया मां भगवती का आशीर्वाद।

लोहाघाट के पांच गांव सुंई और बीस गांव बिशंग के प्रसिद्ध अषाढ़ी वायुरथ महोत्सव के अंतिम दिन शुक्रवार को रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर मां भगवती की भव्य वायुरथ यात्रा निकाली गई। यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर मां भगवती का आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूरा क्षेत्र मां के जयकारों से गूंज उठा। चारद्योली के समस्त आयुधों को देवडांगर आदित्य महादेव मंदिर में लाया गया। यहां हवन-यज्ञ के बाद आयुधों को दूध और पवित्र जल से स्नान कराया गया। मंदिर में पारंपरिक पूजा-अर्चना संपन्न होने के बाद सभी देवडांगरों को अंगवस्त्र भेंट किए गए।पूजा-अर्चना के बाद मां भगवती का वायुरथ आदित्य महादेव मंदिर से गलचौड़ा, पऊ, चनकांडे और डुंगरी होते हुए द्यौलागढ़ पहुंचा। यहां देवडांगरों ने चावल और दूध की गाल खाई। इसके बाद वायुरथ खैसकांडे होते हुए बीस गांव बिशुंग की परिक्रमा के लिए रवाना हुआ। मार्ग में जगह-जगह बेतालों ने दूध और चावल की गाल खाई।वायुरथ यात्रा के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां भगवती पर अक्षत और पुष्पों की वर्षा कर आस्था प्रकट की। बिशंग क्षेत्र में वायुरथ के पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
देर रात वायुरथ सुंई के आदित्य महादेव मंदिर पहुंचेगा। यहां आरती के बाद प्यौली को उसके गंतव्य स्थान मां भगवती मंदिर चौबेगांव के लिए रवाना किया जाएगा।महोत्सव समिति के अध्यक्ष श्याम चौबे, मुख्य संरक्षक सचिन जोशी सहित समिति के पदाधिकारियों ने महोत्सव में पहुंचे श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों का स्वागत किया तथा महोत्सव को सफल बनाने के लिए समस्त सहयोगियों एवं क्षेत्रीय जनता व प्रशासन को धन्यवाद दिया। इस दौरान इस दौरान कैलाश पांडेय, महेश पांडेय, गौरव पांडेय, एडवोकेट भुवन चौबे, योगेश ओली, त्रिभुवन चंद्र तिवारी, प्रेम चौबे, हयात सिंह माहरा, हर सिंह बिष्ट, बृजेश माहरा, नीरज करायत, नितिन मुरारी, सुनील चौबे, मयंक ओली, पंकज पुजारी, डा. महेश ढेक, प्रकाश खर्कवाल, मदन पुजारी सहित कई लोग मौजूद रहे।


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