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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : लोहाघाट:मानेश्वर धाम में अक्षय तृतीया के दिन 25 बटुकों का सामूहिक रूप से होगा यज्ञोपवीत संस्कार।

Laxman Singh Bisht

Sun, Apr 27, 2025

मानसरोवर के लघु रूप में माना जाता है मानेश्वरधाम, जहां अर्जुन ने अपने गांडीव से मानसरोवर के जल का किया था आवाहन। लोहाघाट/चंपावत। मानेश्वर धाम में श्रीपंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के मठाधीश धर्मराजानंद पुरी जी महाराज द्वारा यहां की गद्दी संभालने के बाद अभी कुछ माह ही हुए हैं, धाम में श्रद्धा आस्था एवं धार्मिक आयोजनों की गूंज लगातार सुनाई देने लगी है। पुरी जी महाराज ने यहां पहली बार 25 बटुकों का सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार की परंपरा शुरू की जा रही है, जिसका शुभारंभ 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन पूर्ण वैदिक विधि विधान के साथ किया जाएगा। जिसमें नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार के बाद वे नए जीवन में प्रवेश करेंगे। लोहाघाट एवं चम्पावत के मध्य मानेश्वर बस स्टैंड से लगभग आधा किलोमीटर दूर सात हजार फिट की ऊंचाई में स्थित मानेश्वर ऐसा धाम है जहां पांडवों ने अपनी मानसरोवर यात्रा के दौरान इस स्थान में पड़ाव डाला था। उसी दौरान मौसम खराब होने के कारण युधिष्ठिर को अपने पिताश्री के श्राद्ध के लिए निर्धारित तिथि में वहाँ न पहुंचने का मलाल एवं चिंता सताने लगी। उनकी चिंता को देखते हुए अर्जुन ने अपने गांडीव से उसी स्थान में मानसरोवर के जल का आवाहन करते हुए इस स्थान में तीर छोड़ा तो इतनी ऊँचाई में जलधारा निकल गई तभी से इस स्थान का नाम मानेश्वर शिव धाम पड़ा है। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति इस स्थान में स्नान करते हैं उन्हें मानसरोवर में स्नान करने के बराबर पुण्य लाभ मिलता है। इस स्थान में जो नौला बना है उसकी विशेषता यह है कि उसमें से कितना ही पानी निकाला जाये उसका जलस्तर उतना ही बना रहता है। यहां शिवार्चन का विशेष महत्व होता है। सातकोषी परिक्रमा में अन्य धामो के साथ यह धाम भी शामिल है। यहां आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों में एक दर्जन गांवों के लोग शामिल होते हैं। अक्षय तृतीया में होने वाले सामूहिक जनेऊ संस्कार के आयोजन में बसंत रसियारा, हयात सिंह, प्रेम सिंह, ग्राम प्रधान रमेश पांडे, नवीन बोहरा, हरीश सिंह आदि तमाम लोग पहले से ही तैयारियों में जुटे हुए हैं। सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार में बटुकों को आशीर्वाद देने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की पूरी जी महाराज को उम्मीद है। इसी दिन यहां विशाल भंडारा भी आयोजित किया जाएगा।

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