रिपोर्ट :लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट क्षेत्र के लोगों का चंपावत जिला चिकित्सालय में नहीं किया जा रहा अल्ट्रासाउंड क्षेत्र में आक्रोश।
Laxman Singh Bisht
Sat, Jan 10, 2026
लोहाघाट क्षेत्र के लोगों का चंपावत जिला चिकित्सालय में नहीं किया जा रहा अल्ट्रासाउंड क्षेत्र में आक्रोश।
मरीजो ने रेडियोलॉजिस्ट पर लगाए लोहाघाट क्षेत्र के मरीजों का अल्ट्रासाउंड न करने के गंभीर आरोप
पूर्व में भी आ चुके हैं कई मामले।
चंपावत जिला चिकित्सालय में उपचार कर रहे या उपचार करने के लिए जाने वाले मरीजों का चंपावत जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड नहीं किया जा रहा है। जिस कारण क्षेत्र के लोगों में काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है क्या चंपावत जिला चिकित्सालय में लोहाघाट क्षेत्र के लोगों का कोई हक नहीं है। लोहाघाट के खूना बोरा गांव की महिला हीरा देवी तथा चोमेल क्षेत्र के रहने वाले पुष्कर सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा वह चंपावत जिला चिकित्सालय उपचार के लिए गए थे जहां उन्हें अल्ट्रासाउंड करना था। पुष्कर सिंह ने बताया जिला चिकित्सालय के रेडियोलॉजिस्ट के द्वारा उनका एक अल्ट्रासाउंड तो कर दिया पर दूसरे अल्ट्रासाउंड के लिए उनके द्वारा उनसे कहा गया कि इस अल्ट्रासाउंड को लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में कराए या कर्नाटक हॉस्पिटल में कराए। वह 2 दिन से अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं तब जाकर आज उनका लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड हुआ। पुष्कर सिंह ने कहा वह काफी दूर से चंपावत गए थे इस दौरान उनका काफी खर्चा भी हो चुका है ।उन्होंने कहा जिला चिकित्सालय में किसी भी क्षेत्र के मरीज को अल्ट्रासाउंड सुविधा मिलनी चाहिए। खूना बोरा की हीरा देवी ने बताया वह परसों चंपावत जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड कराने गई थी पर डॉक्टर के द्वारा उन्हें मशीन खराब है कहकर लोहाघाट अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करने की बात कह कर वापस भेज दिया।
इसके बाद आज उनके द्वारा लोहाघाट में अपना अल्ट्रासाउंड किया गया। लोगों ने कहा इस प्रकार के कई मामले सामने आ चुके हैं जब जिला चिकित्सालय के रेडियोलॉजिस्ट के द्वारा लोहाघाट क्षेत्र के मरीजों का अल्ट्रासाउंड करने से मना किया जा रहा है। लोगों ने जिलाधिकारी चंपावत व मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंपावत से चंपावत जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए आने वाले लोहाघाट क्षेत्र के मरीजों का भी अल्ट्रासाउंड करने की मांग की है ।लोगों ने कहा अगर लोहाघाट क्षेत्र के मरीजों के साथ रेडियोलॉजिस्ट के द्वारा सौतेला व्यवहार किया जाएगा तो क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी। जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी। कहा मुख्यमंत्री धामी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने में लगे हुए हैं। पर चित्कित्सकों के द्वारा उस पर पलीता लगाया जा रहा है।