रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:मीटर शिफ्टिंग कार्य के चलते 4 जून को गोरखा नगर व पिथौरागढ़ रोड क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था रहेगी बाधित।
Thu, Jun 4, 2026
मीटर शिफ्टिंग कार्य के चलते 4 जून को गोरखा नगर व पिथौरागढ़ रोड क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था रहेगी बाधित।
ऊर्जा निगम के द्वारा वर्तमान में लोहाघाट नगर में विद्युत मीटर व पोल शिफ्टिंग का कार्य किया जा रहा है। ऊर्जा निगम के अभियंता ललित बिष्ट ने बताया विभाग द्वारा विद्युत पोलों से विद्युत मीटरो को हटाकर उपभोक्ताओं के घरों में लगाने का कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया आज 4 जून को विद्युत मीटर शिफ्टिंग कार्य के चलते नगर के गोरखा नगर क्षेत्र मे सुबह 9:00 से दोपहर 01 बजे तक तथा पिथौरागढ़ रोड मे वाइन शॉप से लेकर पंचेश्वर टैक्सी स्टैंड तक दोपहर 1:00 बजे से लेकर शाम 5:00 तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से सहयोग बनाए रखने की अपील की है। अभियंता बिष्ट बताया मीटर शिफ्टिंग कार्य के चलते रोस्टर के हिसाब से नगर में विद्युत कटौती की जा रही है।
रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : दून:सेवानिवृत्ति के दो माह बाद मिली नई जिम्मेदारी, नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे पारदर्शिता के सवाल*
Thu, Jun 4, 2026
सेवानिवृत्ति के दो माह बाद मिली नई जिम्मेदारी, नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे पारदर्शिता के सवाल
देहरादून। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखंड से 31 मार्च 2026 को संयुक्त निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए डॉ. अजीत मोहन जौहरी को सेवानिवृत्ति के लगभग दो माह के भीतर ही उत्तराखंड आयुर्विज्ञान परिषद (यूएमसी) में महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व सौंपे जाने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं।उत्तराखंड आयुर्विज्ञान परिषद द्वारा 29 मई 2026 को जारी आदेश संख्या 4158 के अनुसार डॉ. जौहरी को डिप्टी रजिस्ट्रार (कार्यवाहक) के रूप में परिषद के दैनिक कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह व्यवस्था नियमित डिप्टी रजिस्ट्रार की नियुक्ति होने तक प्रभावी रहेगी। वर्तमान में डॉ. जौहरी परिषद के सदस्य भी हैं।इस नियुक्ति के बाद प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट चन्द्रशेखर जोशी ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत परिषद से विस्तृत जानकारी मांगी है।अपने आवेदन में उन्होंने नियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव, नोटशीट, फाइल अभिलेख, नियमावली, चयन प्रक्रिया, बैठक की कार्यवाही (मिनट्स), रिक्त पद की स्थिति तथा पूर्व डिप्टी रजिस्ट्रार से जुड़े दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इसके अतिरिक्त डॉ. जौहरी की वर्तमान नियुक्ति, पदनाम, वेतनमान एवं उनसे संबंधित प्रशासनिक आदेशों की जानकारी भी मांगी गई है।आरटीआई आवेदन में यह भी पूछा गया है कि क्या डिप्टी रजिस्ट्रार के नियमित पद पर नियुक्ति के लिए कोई विज्ञापन जारी किया गया था, क्या किसी चयन प्रक्रिया का पालन किया गया और क्या अन्य पात्र अभ्यर्थियों पर भी विचार किया गया। साथ ही यह जानने का प्रयास किया गया है कि कार्यवाहक डिप्टी रजिस्ट्रार के रूप में डॉ. जौहरी को कोई अतिरिक्त प्रशासनिक, वित्तीय अथवा वैधानिक अधिकार प्रदान किए गए हैं अथवा नहीं।जोशी ने परिषद से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि वर्तमान व्यवस्था केवल अंतरिम है या नियमित नियुक्ति तक जारी रहेगी तथा नियमित नियुक्ति के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।गौरतलब है कि राज्य के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों में शामिल रहे डॉ. अजीत मोहन जौहरी को सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद एक महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी दिए जाने से प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग के हलकों में चर्चा का माहौल है। अब निगाहें परिषद द्वारा आरटीआई के जवाब में उपलब्ध कराए जाने वाले अभिलेखों पर टिकी हैं, जिनसे यह स्पष्ट हो सकेगा कि नियुक्ति प्रक्रिया में निर्धारित नियमों एवं पारदर्शिता के मानकों का किस हद तक पालन किया गया।