रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:अप्रैल खत्म होने का आया नहीं खुले खिलाड़ियों के लिए खेल विभाग के खेल कैंप।
अप्रैल खत्म होने का आया नहीं खुले खिलाड़ियों के लिए खेल विभाग के खेल कैंप।
खेल विभाग की ढीली कार्यप्रणाली खिलाड़ियों पर भारी।
कॉन्ट्रैक्ट प्रशिक्षकों को नहीं मिला है चार माह का वेतन।

सरकार के द्वारा प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए खेल विभाग के माध्यम से खेल कैंपों का संचालन प्रदेश के प्रत्येक जिलों में किया जाता है। जिनमें विभिन्न खेलों के प्रशिक्षक कॉन्ट्रैक्ट पर रखे जाते हैं। पर इस बार अप्रैल माह समाप्त होने को जा रहा है खेल विभाग के द्वारा अभी तक खेल कैंपों को नहीं खोला गया है। जिस कारण चंपावत जिले के खिलाड़ियों में निराशा के साथ-साथ नाराजगी भी है। खिलाड़ियों ने खेल मंत्री रेखा आर्य व खेल विभाग से जल्द से जल्द खेल कैंपों को खोलने की मांग की है खिलाड़ियों का कहना है समय पर खेल कैंप न खुलने से उन्हें खेलो के अभ्यास में बिना कोच के काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ना ही उन्हें खेल सामग्री मिल पा रही है। खेल विभाग के मुताबिक खेल कैंपों को खोलने की प्रक्रिया जारी है जल्द कॉन्ट्रैक्ट प्रशिक्षकों का चयन कर खेल कैंप खोले जाएंगे। तो वही जानकारी के मुताबिक पिछले वर्ष के कॉन्ट्रैक्ट खेल प्रशिक्षकों को अभी तक चार माह का वेतन तक नहीं दिया गया। जिस कारण उन्हें अपने परिवार के भरण पोषण में काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। कॉन्ट्रैक्ट प्रशिक्षकों का कहना है ना तो समय पर खेल कैंप खोले जा रहे हैं और ना ही उन्हें पिछले 4 महीने से रुका हुआ वेतन दिया जा रहा है। जिसके चलते उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खेल प्रशिक्षकों ने भी खेल विभाग से जल्द से जल्द उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की है।