: लोहाघाट में आइटीबीपी हिमवीर वायव्स वेलफेयर एसोसिएशन (हावा) का 31वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया वीर नारियों को किया गया सम्मानित
Laxman Singh Bisht
Wed, Jan 24, 2024
लोहाघाट में आइटीबीपी हिमवीर वायव्स वेलफेयर एसोसिएशन का 31वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया वीर नारियों को किया गया सम्मानित
बुधवार को आइटीबीपी परिसर लोहाघाट में हिमवीर वायव्स वेलफेयर एसोसिएशन का 31वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। हावा चीफ मनोरमा रावत ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया (हावा) की चीफ मनोरमा रावत ने हावा के 31वें स्थापना दिवस पर महिला शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि
पढ़ी-लिखी संस्कारवान महिलाएं होती हैं तो वह अपने घर का ही नहीं समाज का दर्पण बन जाती हैं। शिक्षा से अधिक संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा महिलाओं को तय करना है कि वह देश के लिए मर मिटने वाले वीर की मां बनना चाहती हैं या देश को कमजोर करने वाले गद्दार की। उन्होंने देश के लिए शहीद हुए आईटीबीपी के नंदन सिंह चम्याल, परमानंद जोशी, जगदीश सिंह का भावपूर्ण स्मरण करते हुए कहा कि
उनकी शहादत हमें देश की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर श्रीमती रावत ने शहीदों की वीरांगनाओं निर्मला, जानकी एवं मीना को साल ओढ़ाकर सम्मानित करते हुए उन्हें हावा अपना परिवार मानता है, जो सदा उनके पीछे चट्टान की तरह खड़ा है। उन्होंने कहा वीरांगनाओं को समाज के हर क्षेत्र में सम्मान दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर हिमवीर परिवारों की महिलाओं ने
राष्ट्रीय भावनाओं से ओतप्रोत कार्यक्रमों का जहां शानदार प्रदर्शन किया वहीं उन्होंने सारे देश की संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों को मंच में प्रस्तुत कर देश की समूची एकता का भी संदेश दिया। इस अवसर पर कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं को मुख्य अतिथि द्वारा पुरुस्कृत कर सम्मानित भी किया गया।
इस दौरान कई खेलकूद को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शानदार आयोजन किया गया
बुधवार को आइटीबीपी परिसर लोहाघाट में हिमवीर वायव्स वेलफेयर एसोसिएशन का 31वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। हावा चीफ मनोरमा रावत ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया (हावा) की चीफ मनोरमा रावत ने हावा के 31वें स्थापना दिवस पर महिला शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि
पढ़ी-लिखी संस्कारवान महिलाएं होती हैं तो वह अपने घर का ही नहीं समाज का दर्पण बन जाती हैं। शिक्षा से अधिक संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा महिलाओं को तय करना है कि वह देश के लिए मर मिटने वाले वीर की मां बनना चाहती हैं या देश को कमजोर करने वाले गद्दार की। उन्होंने देश के लिए शहीद हुए आईटीबीपी के नंदन सिंह चम्याल, परमानंद जोशी, जगदीश सिंह का भावपूर्ण स्मरण करते हुए कहा कि
उनकी शहादत हमें देश की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर श्रीमती रावत ने शहीदों की वीरांगनाओं निर्मला, जानकी एवं मीना को साल ओढ़ाकर सम्मानित करते हुए उन्हें हावा अपना परिवार मानता है, जो सदा उनके पीछे चट्टान की तरह खड़ा है। उन्होंने कहा वीरांगनाओं को समाज के हर क्षेत्र में सम्मान दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर हिमवीर परिवारों की महिलाओं ने
राष्ट्रीय भावनाओं से ओतप्रोत कार्यक्रमों का जहां शानदार प्रदर्शन किया वहीं उन्होंने सारे देश की संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों को मंच में प्रस्तुत कर देश की समूची एकता का भी संदेश दिया। इस अवसर पर कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं को मुख्य अतिथि द्वारा पुरुस्कृत कर सम्मानित भी किया गया।
इस दौरान कई खेलकूद को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शानदार आयोजन किया गया