: बाराकोट में कड़ाके की ठंड के बीच कूड़ेदान के भीतर रहने को मजबूर बुजुर्ग महिला प्रशासन मामले का ले संज्ञान
Laxman Singh Bisht
Tue, Dec 17, 2024
बाराकोट में कड़ाके की ठंड के बीच कूड़ेदान के भीतर रहने को मजबूर बुजुर्ग महिला प्रशासन मामले का ले संज्ञान
चंपावत जिले के बाराकोट कस्बे में एक बुजुर्ग महिला ने कड़ाके की ठंड में कूड़ा फेंकने के लिए लगाए गए कूड़ा दान को अपना आशियाना बनाया हुआ है बुजुर्ग महिला मानसिक रूप से कमजोर बताई जा रही है स्थानीय लोगों ने बताया महिला लगभग 2 वर्षों से इस कूड़ेदान के भीतर रहती है स्थानीय लोगों के द्वारा महिला के खाने पीने की व्यवस्था की जाती है मामला काफी गंभीर है इस प्रकार से एक महिला कूड़ादान के भीतर रह रही है इसमें बैठने तक के लिए जगह नहीं है महिला के द्वारा कूड़ा दान के भीतरी अपना बिस्तर लगाया गया है तथा अपने बर्तन रखे गए हैं बाराकोट तहसील परिसर व पुलिस चौकी से मात्र 200 मीटर की दूरी पर कूड़ादान लगा हुआ है स्थानीय लोगों ने बताया लगभग 5 /6 वर्ष पूर्व भी महिला कलमठ के भीतर रहती थी जिसके बाद प्रशासन के द्वारा महिला के रहने की व्यवस्था की गई थी स्थानीय सुनील वर्मा के द्वारा अपने गांव फर्तोला में महिला को रखा गया था पर एक वर्ष बाद फिर महिला वापस आ गई अब महिला कूड़ादान के भीतरी रहती है महिला से पूछने पर महिला ने अपना घर कोठेरा (बाराकोट) बताया तथा अपने घर पहुंचाने की बात कही मामला कुछ भी हो प्रशासन ने महिला के रहने की व्यवस्था करनी चाहिए
कूड़ादान मे महिला का इस प्रकार से जीवन बिताना काफी गंभीर व शर्मसार करने वाला मामला है हालांकि स्थानीय महिला की मदद करते रहते हैं इस प्रकार से अकेले कूड़ादान में रहना महिला के लिए भी खतरे से खाली नहीं है क्योंकि क्षेत्र में गुलदार का खतरा बना हुआ है महिला के साथ कभी भी कोई घटना हो सकती है अब देखना है प्रशासन मामले का क्या संज्ञान लेता है वहीं अब लोग जिले में वृद्ध आश्रम जल्द बनाने की मांग कर रहे हैं ताकि इस प्रकार के बेसहारा लोगों को सहारा मिल सके हालांकि मुख्यमंत्री धामी के द्वारा जिले में वृद्ध आश्रम बनाने की घोषणा की जा चुकी है
चंपावत जिले के बाराकोट कस्बे में एक बुजुर्ग महिला ने कड़ाके की ठंड में कूड़ा फेंकने के लिए लगाए गए कूड़ा दान को अपना आशियाना बनाया हुआ है बुजुर्ग महिला मानसिक रूप से कमजोर बताई जा रही है स्थानीय लोगों ने बताया महिला लगभग 2 वर्षों से इस कूड़ेदान के भीतर रहती है स्थानीय लोगों के द्वारा महिला के खाने पीने की व्यवस्था की जाती है मामला काफी गंभीर है इस प्रकार से एक महिला कूड़ादान के भीतर रह रही है इसमें बैठने तक के लिए जगह नहीं है महिला के द्वारा कूड़ा दान के भीतरी अपना बिस्तर लगाया गया है तथा अपने बर्तन रखे गए हैं बाराकोट तहसील परिसर व पुलिस चौकी से मात्र 200 मीटर की दूरी पर कूड़ादान लगा हुआ है स्थानीय लोगों ने बताया लगभग 5 /6 वर्ष पूर्व भी महिला कलमठ के भीतर रहती थी जिसके बाद प्रशासन के द्वारा महिला के रहने की व्यवस्था की गई थी स्थानीय सुनील वर्मा के द्वारा अपने गांव फर्तोला में महिला को रखा गया था पर एक वर्ष बाद फिर महिला वापस आ गई अब महिला कूड़ादान के भीतरी रहती है महिला से पूछने पर महिला ने अपना घर कोठेरा (बाराकोट) बताया तथा अपने घर पहुंचाने की बात कही मामला कुछ भी हो प्रशासन ने महिला के रहने की व्यवस्था करनी चाहिए
कूड़ादान मे महिला का इस प्रकार से जीवन बिताना काफी गंभीर व शर्मसार करने वाला मामला है हालांकि स्थानीय महिला की मदद करते रहते हैं इस प्रकार से अकेले कूड़ादान में रहना महिला के लिए भी खतरे से खाली नहीं है क्योंकि क्षेत्र में गुलदार का खतरा बना हुआ है महिला के साथ कभी भी कोई घटना हो सकती है अब देखना है प्रशासन मामले का क्या संज्ञान लेता है वहीं अब लोग जिले में वृद्ध आश्रम जल्द बनाने की मांग कर रहे हैं ताकि इस प्रकार के बेसहारा लोगों को सहारा मिल सके हालांकि मुख्यमंत्री धामी के द्वारा जिले में वृद्ध आश्रम बनाने की घोषणा की जा चुकी है