: लोहाघाट:31 दिसंबर तक आयकर रिटर्न भर छूट का लाभ उठाएं :अधिवक्ता जोशी
Laxman Singh Bisht
Mon, Dec 23, 2024
31 दिसंबर तक आयकर रिटर्न भर छूट का लाभ उठाएं :अधिवक्ता जोशी
अधिवक्ता दीपक चंद्र जोशी (बिजनेस एंड कॉरपोरेट लॉयर) ने जानकारी देते हुए बताया वित्तीय वर्ष 2023 /24 कर निर्धारण वर्ष 2024 /25 की देरी से रिटर्न भरने की अंतिम तिथि तथा पुनरीक्षण रिटर्न रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2024 है करदाता अपनी आयकर विवरणों अधिनियम की धारा 139 (4 )के तहत 1000 से 5000 तक विलंब शुल्क अधिनियम की धारा 234(f) के तहत जमा कर भर सकते हैं उन्होंने बताया उक्त तिथि तक रिटर्न भरने पर यदि कोई रिफंड बन रहा है तो वह करदाताओं को वापस हो जाएगा अधिवक्ता जोशी ने कहा जिन करदाताओं ने अपनी आयकर रिटर्न वित्तीय वर्ष 202/ 24 के लिए समय से पूर्व अधिनियम की धारा 139 (1)एक के तहत भर दी है वह अपनी आयकर विवरण में यदि कोई परिवर्तन करना चाहते हैं तो वह भी अधिनियम की धारा 139 (5 )के तहत 31 दिसंबर 2024 से पूर्व बिना किसी विलंब शुल्क के कर सकते हैं इसके लिए उनको पुनरीक्षण विवरण अर्थात रिवाइज्ड रिटर्न भरना होगा अधिवक्ता जोशी ने बताया 1 जनवरी 2025 के पश्चात कोई भी पूर्व के रिटर्न बिना आयकर दिए नहीं भरे जा सकते हैं यद्यपि वर्ष 2022 के पश्चात कर निर्धारण वर्ष से 2 वर्ष पूर्व के रिटर्न भी अधिनियम की धारा 139( 8) के itr u के तहत तहत भरे जा सकते हैं लेकिन करदाता कि यदि कोई कर वापसी हो रही है तो वापस नहीं होगी और नहीं उसमें विलंब शुल्क की कटौती हो सकेगी कर डाटा का संपूर्ण टीडीएस वापस आने योग्य नहीं होगा सभी रिटर्न दाखिले 30 दिन के भीतर विभिन्न माध्यमों से ई वेरीफाई करने होंगे अन्यथा रिटर्न में निरस्त समझ जाएंगे सभी करदाता उक्त अवसर का लाभ 31 दिसंबर 2024 से पूर्व उठा सकते हैं
अधिवक्ता दीपक चंद्र जोशी (बिजनेस एंड कॉरपोरेट लॉयर) ने जानकारी देते हुए बताया वित्तीय वर्ष 2023 /24 कर निर्धारण वर्ष 2024 /25 की देरी से रिटर्न भरने की अंतिम तिथि तथा पुनरीक्षण रिटर्न रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2024 है करदाता अपनी आयकर विवरणों अधिनियम की धारा 139 (4 )के तहत 1000 से 5000 तक विलंब शुल्क अधिनियम की धारा 234(f) के तहत जमा कर भर सकते हैं उन्होंने बताया उक्त तिथि तक रिटर्न भरने पर यदि कोई रिफंड बन रहा है तो वह करदाताओं को वापस हो जाएगा अधिवक्ता जोशी ने कहा जिन करदाताओं ने अपनी आयकर रिटर्न वित्तीय वर्ष 202/ 24 के लिए समय से पूर्व अधिनियम की धारा 139 (1)एक के तहत भर दी है वह अपनी आयकर विवरण में यदि कोई परिवर्तन करना चाहते हैं तो वह भी अधिनियम की धारा 139 (5 )के तहत 31 दिसंबर 2024 से पूर्व बिना किसी विलंब शुल्क के कर सकते हैं इसके लिए उनको पुनरीक्षण विवरण अर्थात रिवाइज्ड रिटर्न भरना होगा अधिवक्ता जोशी ने बताया 1 जनवरी 2025 के पश्चात कोई भी पूर्व के रिटर्न बिना आयकर दिए नहीं भरे जा सकते हैं यद्यपि वर्ष 2022 के पश्चात कर निर्धारण वर्ष से 2 वर्ष पूर्व के रिटर्न भी अधिनियम की धारा 139( 8) के itr u के तहत तहत भरे जा सकते हैं लेकिन करदाता कि यदि कोई कर वापसी हो रही है तो वापस नहीं होगी और नहीं उसमें विलंब शुल्क की कटौती हो सकेगी कर डाटा का संपूर्ण टीडीएस वापस आने योग्य नहीं होगा सभी रिटर्न दाखिले 30 दिन के भीतर विभिन्न माध्यमों से ई वेरीफाई करने होंगे अन्यथा रिटर्न में निरस्त समझ जाएंगे सभी करदाता उक्त अवसर का लाभ 31 दिसंबर 2024 से पूर्व उठा सकते हैं