: चंपावत:टीजे सड़क मामले में ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी के अधिवक्ता ने रखा अपना पक्ष कहा जमानत लेने के लिए उनके मुवक्किल स्वतंत्र
Laxman Singh Bisht
Fri, Dec 20, 2024
टीजे सड़क मामले में ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी के अधिवक्ता ने रखा अपना पक्ष कहा जमानत लेने के लिए उनके मुवक्किल स्वतंत्र
चंपावत जिले की चर्चित टीजे सड़क मामले में जिला सत्र न्यायाधीश चंपावत के द्वारा दिए गए फैसले के बाद ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी के अधिवक्ता आजाद खान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा टनकपुर जौलजीवी मोटर रोड के टेंडर के संबंध मे जो प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज हुई थी उस मे श्रीमान निगरानी न्यायालय के आदेश के बाद पत्रावली रिमांड बेक आ गई थी, इस पर अभियुक्त द्वारा श्रीमान सत्र न्यायाधीश महोदय के समक्ष एक अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दिया था जिस को श्रीमान सत्र न्यायाधीश महोदय द्वारा गुण दोष पर कोई आदेश नही किया तथा माननीय न्यायालय ने अपने आदेश के पैरा 15 &16 मे निष्कर्ष दिया है ,
कि अभियुक्त इस मामले मे पूर्व से जमानत मे है और उसके अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दिया है ,यदि माननीय परीक्षण न्यायालय किसी अन्य धारा मे संज्ञान लेता है ,तो अभियुक्त माननीय परीक्षण न्यायालय मे जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करने के लिए स्वतंत्र है ।
15. In the present matter, applicant/accused is already on regular bail in some Section and he has moved anticipatory bail application in the same matter for the offences in other Sections. In view of this Court, he should have moved appropriate application before the Ld. Trial Court, if cognizance is taken against him in other Sections also, as he is already on regular bail in some Section.
16. From the aforesaid, this Court is of the view that anticipatory bail application moved by the applicant/accused is not maintainable. Thus, following order is being passed:-
क्योंकि अभियुक्त वर्तमान मे जमानत मे है और इस कारण से अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र पोषणीय ना होने की वजह से आवेदन निरस्त किया है ।
चंपावत जिले की चर्चित टीजे सड़क मामले में जिला सत्र न्यायाधीश चंपावत के द्वारा दिए गए फैसले के बाद ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी के अधिवक्ता आजाद खान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा टनकपुर जौलजीवी मोटर रोड के टेंडर के संबंध मे जो प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज हुई थी उस मे श्रीमान निगरानी न्यायालय के आदेश के बाद पत्रावली रिमांड बेक आ गई थी, इस पर अभियुक्त द्वारा श्रीमान सत्र न्यायाधीश महोदय के समक्ष एक अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दिया था जिस को श्रीमान सत्र न्यायाधीश महोदय द्वारा गुण दोष पर कोई आदेश नही किया तथा माननीय न्यायालय ने अपने आदेश के पैरा 15 &16 मे निष्कर्ष दिया है ,
कि अभियुक्त इस मामले मे पूर्व से जमानत मे है और उसके अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दिया है ,यदि माननीय परीक्षण न्यायालय किसी अन्य धारा मे संज्ञान लेता है ,तो अभियुक्त माननीय परीक्षण न्यायालय मे जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करने के लिए स्वतंत्र है ।
15. In the present matter, applicant/accused is already on regular bail in some Section and he has moved anticipatory bail application in the same matter for the offences in other Sections. In view of this Court, he should have moved appropriate application before the Ld. Trial Court, if cognizance is taken against him in other Sections also, as he is already on regular bail in some Section.
16. From the aforesaid, this Court is of the view that anticipatory bail application moved by the applicant/accused is not maintainable. Thus, following order is being passed:-
क्योंकि अभियुक्त वर्तमान मे जमानत मे है और इस कारण से अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र पोषणीय ना होने की वजह से आवेदन निरस्त किया है ।