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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत में संस्कृत प्रतियोगिता का ब्लॉक प्रमुख ने किया शुभारंभ।

Laxman Singh Bisht

Fri, Nov 14, 2025

चंपावत में संस्कृत प्रतियोगिता का आयोजन ब्लॉक प्रमुख ने किया शुभारंभ।आज 14 नवंबर को चंपावत जिला मुख्यालय में संस्कृत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । प्रतियोगिता चंपावत के गोरलचौड़ मैदान के समीप स्थित प्रेक्षा गृह में आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख चंपावत अंचला बोहरा ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख चंपावत श्रीमती अंचला बोहरा के अलावा विशिष्ट अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कार शिक्षक डॉ भुवन चंद जोशी ,किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष देवेंद्र जोशी , सामाजिक कार्यकर्ता राजेश पांडे , पूर्व प्रधानाचार्य उमापति जोशी जी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सरस्वती वंदना और मंगलाचरण एवं दीप जलन के उपरांत विविध स्पर्धाएं आयोजित की गई जिसमें वाद विवाद प्रतियोगिता नाटक प्रतियोगिता श्लोक प्रतियोगिता आशु भाषण प्रतियोगिता समूह गान प्रतियोगिता तथा नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य संयोजक कमल जोशी प्रधानाचार्य पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज तामली ने बताया कि यह प्रतियोगिता कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग में आयोजित की जानी है तथा इस प्रतियोगिता प्रथम तीन स्थान में आने वाले प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार तथा प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे साथ ही साथ प्रथम दो स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को जनपद स्तर प्रतिभाग़ करना होगा।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख अंचला बोरा ने संस्कृत को उत्तराखंड की द्वितीय आधिकारिक भाषा ही माना गया है और इसका संरक्षण और संवर्धन आप बच्चों के माध्यम से ही सर्वोत्तम हो पाएगा संस्कृत भाषा हर भाषा की जननी है इसलिए इसको विद्यालय स्तर में अनिवार्य रूप स्थान दिया जाना चाहिए इस भाषा के माध्यम से ही हम अपने परंपरा को जीवित रखने में सफल हो पाएंगे। इस प्रतियोगिता के माध्यम से नई पीढ़ी इस महान भाषा से जुड़ेगी और इसकी महत्वता को समझेगी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ भुवन चंद जोशी ने कहा यह प्रतियोगिता हमें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और संस्कृत भाषा के महत्व की याद दिलाती है। संस्कृत भाषा केवल एक भाषा ही नहीं बल्कि हमारी परंपरा, ज्ञान और दर्शन का भंडार है। कार्यक्रम का संचालन जगदीश चंद्र जोशी द्वारा किया गयाकार्यक्रम के सफल क्रियान्वन में शिक्षक हीरा वल्लभ पांडे, अशोक टम्टा, नीरज जोशी, नवीन पुनेठा, नवीन चंद्र जोशी, इंदुवर जोशी, हरिशंकर गहतोडी, पंकज पांडे, सोनी भट्ट, चंद्रावती टम्टा, लक्ष्मी गहतोडी, ओम प्रकाश जोशी, गणेश जोशी हेमा जोशी, साम श्रवा आर्य आदि उपस्थित रहे।

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