: चम्पावत:मानसून से पहले मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक मानसून की तैयारियो का अधिकारियों से लिया जाएगा सभी विभागों को 15 जून तक आपदा प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
Laxman Singh Bisht
Tue, Jun 11, 2024
मानसून से पहले मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक मानसून की तैयारियो का अधिकारियों से लिया जाएगा सभी विभागों को 15 जून तक आपदा प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीसी के माध्यम से अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून में घटित होने वाली आपदाओं से निपटने के लिए अपनी तैयारियां दूरस्थ रखे और तत्काल समाधान करें। उन्होंने लोनिवि, सिंचाई, पीएमजीएसवाई, स्वास्थ्य विभागों के साथ ही अन्य विभागों द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा कर विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में मानसून के दौरान आई आपदाओं में किन किन परेशानियों, चुनौतियों का सामना करना पढ़ा उसके अनुसार भी विभाग अपनी तैयारी रखे। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों द्वारा शासन से जो धनराशि की मांगी जा रही है, वह धनराशि यथाशीघ्र संबंधित विभागों को दे दी जाए। पिछली आपदाओं में किए गए कार्यों के जितने भी बिल पेंडिंग है उनका भुगतान संबंधितो को तत्काल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान अतिवृष्टि की संभावना बनी रहती है, इसलिए इससे निपटने के लिए तैयारियां अभी से भली भाती कर लें। उन्होंने कहा कि मानसून के समय में आपदाओं को कैसे न्यून कर सकते है इसका विशेष ध्यान रखे। मानसून के दौरान आपदाओं से निपटने के लिए सभी उपकरण जेसीबी, सेटेलाइट फोन, मैन पावर आदि उपकरणों की समुचित व्यवस्था प्लानिंग के तहत
अभी से पूरी कर लें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान आपदाओं में फसें लोगों, बीमार व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं हेतु आपातकाल स्थिति में तत्काल सुविधा पहुंचाने हेतु हैली सुविधा रखे। अभी से सुदूरवर्ती क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर सूची तैयार कर लें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुविधा तत्काल मिल सके। साथ ही क्रैश बैरियर, साइनेज, वैकल्पिक मार्गों की भी व्यवस्था कर लें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मौसम के पूर्वानुमान की सटीक जानकारी लोगों तक समय पर पहुंचे। पूर्व चेतावनी के आधार पर लोगों को नियमित रूप से अलर्ट मोड पर रखें। उन्होंने कहा कि मौसम के पुर्वानुमान और जन जागरूकता से अतिवृष्टि और आपदा के प्रभाव को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद के भू-स्खलन की समस्या वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां समय पर आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दृष्टिगत पर्वतीय जनपदों में आवश्यक दवाओं, खाद्य सामग्री एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित सभी व्यवस्थाएं पर्याप्त मात्रा में रखी जाए।
बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्धन, कुमाऊं आयुक्त श्री दीपक रावत आदि वर्चुवली जुड़े और जनपद चंपावत में प्र.जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी केके अग्रवाल, पुलिस उपाधीक्षक शिवराज सिंह राणा, एसडीओ वन नेहा चौधरी आदि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीसी के माध्यम से अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून में घटित होने वाली आपदाओं से निपटने के लिए अपनी तैयारियां दूरस्थ रखे और तत्काल समाधान करें। उन्होंने लोनिवि, सिंचाई, पीएमजीएसवाई, स्वास्थ्य विभागों के साथ ही अन्य विभागों द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा कर विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में मानसून के दौरान आई आपदाओं में किन किन परेशानियों, चुनौतियों का सामना करना पढ़ा उसके अनुसार भी विभाग अपनी तैयारी रखे। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों द्वारा शासन से जो धनराशि की मांगी जा रही है, वह धनराशि यथाशीघ्र संबंधित विभागों को दे दी जाए। पिछली आपदाओं में किए गए कार्यों के जितने भी बिल पेंडिंग है उनका भुगतान संबंधितो को तत्काल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान अतिवृष्टि की संभावना बनी रहती है, इसलिए इससे निपटने के लिए तैयारियां अभी से भली भाती कर लें। उन्होंने कहा कि मानसून के समय में आपदाओं को कैसे न्यून कर सकते है इसका विशेष ध्यान रखे। मानसून के दौरान आपदाओं से निपटने के लिए सभी उपकरण जेसीबी, सेटेलाइट फोन, मैन पावर आदि उपकरणों की समुचित व्यवस्था प्लानिंग के तहत
अभी से पूरी कर लें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान आपदाओं में फसें लोगों, बीमार व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं हेतु आपातकाल स्थिति में तत्काल सुविधा पहुंचाने हेतु हैली सुविधा रखे। अभी से सुदूरवर्ती क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर सूची तैयार कर लें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुविधा तत्काल मिल सके। साथ ही क्रैश बैरियर, साइनेज, वैकल्पिक मार्गों की भी व्यवस्था कर लें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मौसम के पूर्वानुमान की सटीक जानकारी लोगों तक समय पर पहुंचे। पूर्व चेतावनी के आधार पर लोगों को नियमित रूप से अलर्ट मोड पर रखें। उन्होंने कहा कि मौसम के पुर्वानुमान और जन जागरूकता से अतिवृष्टि और आपदा के प्रभाव को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद के भू-स्खलन की समस्या वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां समय पर आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दृष्टिगत पर्वतीय जनपदों में आवश्यक दवाओं, खाद्य सामग्री एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित सभी व्यवस्थाएं पर्याप्त मात्रा में रखी जाए।
बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्धन, कुमाऊं आयुक्त श्री दीपक रावत आदि वर्चुवली जुड़े और जनपद चंपावत में प्र.जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी केके अग्रवाल, पुलिस उपाधीक्षक शिवराज सिंह राणा, एसडीओ वन नेहा चौधरी आदि मौजूद रहे।