: चम्पावत:रोडवेज बस ने फिर खतरे में डाली 32 जिंदगी प्रेशर पाइप फटने से ब्रेक हुए फेल
Laxman Singh Bisht
Tue, Apr 30, 2024
रोडवेज बस ने फिर खतरे में डाली 32 जिंदगी प्रेशर पाइप फटने से ब्रेक हुए फेल
उत्तराखंड परिवहन निगम की खटारा बसें यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ करती हुई सड़कों में बेधड़क दौड़ रही है मंगलवार सुबह पिथौरागढ़ से दिल्ली जा रही पिथौरागढ़ डिपो की बस यूके 07पीए 2919 का चंपावत के बनलेख के पास प्रेशर पाइप फट गया और बस के ब्रेक फेल हो गए चालक ने किसी तरह सूझ बूझ दिखाते हुए बस को संभालते हुए सड़क किनारे रोक दिया बस में 32 यात्री सवार थे
जिनकी जिंदगी चालक की सूझबूझ से बाल बाल बच गई वही बस के खड़े होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा तथा यात्रियों ने किसी तरह आगे की यात्रा पूरी की आए दिन उत्तराखंड परिवहन निगम की समय सीमा पूरी कर चुकी बसो के साथ हादसे हो रहे हैं पर सरकार व उत्तराखंड परिवहन निगम के अधिकारी आए दिन
यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ होता देख रहे हैं पर परिवहन निगम को नई बसें नहीं दी जा रही हैं लगातार यात्रियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है लगता है सरकार किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है वही अधिकतर चालक परिचालक का कहना है मजबूरी में उन्हे पुरानी बसों को चलाना पड़ रहा है जो आए दिन रास्ते में खराब हो जाती है तथा दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है
उत्तराखंड परिवहन निगम की खटारा बसें यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ करती हुई सड़कों में बेधड़क दौड़ रही है मंगलवार सुबह पिथौरागढ़ से दिल्ली जा रही पिथौरागढ़ डिपो की बस यूके 07पीए 2919 का चंपावत के बनलेख के पास प्रेशर पाइप फट गया और बस के ब्रेक फेल हो गए चालक ने किसी तरह सूझ बूझ दिखाते हुए बस को संभालते हुए सड़क किनारे रोक दिया बस में 32 यात्री सवार थे
जिनकी जिंदगी चालक की सूझबूझ से बाल बाल बच गई वही बस के खड़े होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा तथा यात्रियों ने किसी तरह आगे की यात्रा पूरी की आए दिन उत्तराखंड परिवहन निगम की समय सीमा पूरी कर चुकी बसो के साथ हादसे हो रहे हैं पर सरकार व उत्तराखंड परिवहन निगम के अधिकारी आए दिन
यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ होता देख रहे हैं पर परिवहन निगम को नई बसें नहीं दी जा रही हैं लगातार यात्रियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है लगता है सरकार किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है वही अधिकतर चालक परिचालक का कहना है मजबूरी में उन्हे पुरानी बसों को चलाना पड़ रहा है जो आए दिन रास्ते में खराब हो जाती है तथा दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है