: चंपावत: टनकपुर जोलजीबी (टीजे) सड़क मे ठेकेदार के फर्जी दस्तावेजों के आरोपों की फिर से चंपावत न्यायालय में होगी सुनवाई
Laxman Singh Bisht
Sat, Nov 18, 2023टीजे सड़क के ठेकेदार के फर्जी दस्तावेजों के आरोपों की फिर से चंपावत न्यायालय में होगी सुनवाई
चंपावत जिले में नेपाल सीमा में निर्माणाधीन टनकपुर जोलजीबी (टीजे)सड़क के दूसरे पैकेज चुका से रूपाली गार्ड की निविदा के लिए ठेकेदार पर लगे फर्जी दस्तावेज के आरोपों की फिर से सुनवाई होगी चंपावत की जिला जज के कहकसा खान ने ये आदेश जारी किया है इस आदेश के बाद अब फिर से इस मामले की पत्रावली सीजेएम की अदालत को वापस भेज दी गई है सुनवाई आगामी 30 नवंबर को होगी मालूम हो पूर्व में इस मामले में मुख्य न्यायक मजिस्ट्रेट ने आरोपी ठेकेदार को राहत देते हुए बरी कर दिया था टीजे रोड के पैकेज नंबर दो चुका से रूपाली गाड़ तक का 24.400 किलोमीटर का 123 करोड रुपए में निवीदा हुई थी यह निविदा ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी के नाम खुली थी ठेकेदार पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र सहित कई आरोप लगे थे शासन स्तर की जांच में निविदा को 2017 में निरस्त भी कर दिया गया था टनकपुर थाने में ठेकेदार अधिकारी के खिलाफ 2018 में मुकदमा दर्ज हुआ था सुनवाई के बाद तत्कालीन सीजीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने 13 फरवरी 2020 को आरोपी ठेकेदार पर लगे आईपीसी की धारा 467,468 और 471को निरस्त कर दिया था वहीं उत्तराखंड सरकार की ओर से फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी जिला जज कहकशा खान ने सीजेएम के फरवरी 2020 के आदेश को रद्द करते हुए सुनवाई करने के आदेश जारी किया है सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने पेरवी करी
चंपावत जिले में नेपाल सीमा में निर्माणाधीन टनकपुर जोलजीबी (टीजे)सड़क के दूसरे पैकेज चुका से रूपाली गार्ड की निविदा के लिए ठेकेदार पर लगे फर्जी दस्तावेज के आरोपों की फिर से सुनवाई होगी चंपावत की जिला जज के कहकसा खान ने ये आदेश जारी किया है इस आदेश के बाद अब फिर से इस मामले की पत्रावली सीजेएम की अदालत को वापस भेज दी गई है सुनवाई आगामी 30 नवंबर को होगी मालूम हो पूर्व में इस मामले में मुख्य न्यायक मजिस्ट्रेट ने आरोपी ठेकेदार को राहत देते हुए बरी कर दिया था टीजे रोड के पैकेज नंबर दो चुका से रूपाली गाड़ तक का 24.400 किलोमीटर का 123 करोड रुपए में निवीदा हुई थी यह निविदा ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी के नाम खुली थी ठेकेदार पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र सहित कई आरोप लगे थे शासन स्तर की जांच में निविदा को 2017 में निरस्त भी कर दिया गया था टनकपुर थाने में ठेकेदार अधिकारी के खिलाफ 2018 में मुकदमा दर्ज हुआ था सुनवाई के बाद तत्कालीन सीजीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने 13 फरवरी 2020 को आरोपी ठेकेदार पर लगे आईपीसी की धारा 467,468 और 471को निरस्त कर दिया था वहीं उत्तराखंड सरकार की ओर से फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी जिला जज कहकशा खान ने सीजेएम के फरवरी 2020 के आदेश को रद्द करते हुए सुनवाई करने के आदेश जारी किया है सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने पेरवी करी