रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : चंपावत:पाटी में जल संकट और विकास पर सेतु आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजशेखर जोशी ने जताई चिंता
Laxman Singh Bisht
Tue, Jun 23, 2026
पाटी में जल संकट और विकास पर सेतु आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजशेखर जोशी ने जताई चिंता

पाटी (चंपावत)।उत्तराखंड सरकार के नवगठित थिंक-टैंक 'सेतु आयोग' -( स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर एम्पॉवरिंग एंड ट्रांसफॉर्मिंग उत्तराखंड) के उपाध्यक्ष डॉ. राजशेखर जोशी ने पहाड़ी क्षेत्रों में तेजी से घटते जल स्रोतों और पर्यावरण असंतुलन पर गहरी चिंता व्यक्त की है। स्थानीय शिशु मंदिर के सभागार में मंगलवार को आयोजित एक भव्य विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को पर्वतीय क्षेत्रों के विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता मजबूती से जाहिर करनी होगी।गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. जोशी ने बताया कि राज्य में लगभग 45 प्रतिशत पानी के पारंपरिक स्रोत सूख चुके हैं और बचे हुए स्रोत भी संकट में हैं। ग्लेशियरों का लगातार सूखना भविष्य के लिए एक बड़ी चेतावनी है। उन्होंने जोर दिया कि राज्य के समग्र विकास के लिए हमें स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि के क्षेत्रों में बड़े स्तर पर काम करने की आवश्यकता है। आधुनिक यंत्रों और उन्नत बीजों के सहयोग से राज्य के कृषकों को संगठित होना होगा, क्योंकि उत्तराखंड में खेती और बागवानी के भीतर असीमित संभावनाएं छिपी हैं। इसके साथ ही उन्होंने मानव संसाधन विकास पर बल देते हुए कहा कि बच्चों के मन और उनकी आंतरिक क्षमता को समय पर परखा जाना बेहद जरूरी है, क्योंकि क्षमता और हृदय का सही तालमेल ही बेहतर समाज का निर्माण कर सकता है।अपनी माटी के विकास के लिए आगे आए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ डॉ. जोशी।पूर्ववर्ती राज्य योजना आयोग के स्थान पर बने नीति आयोग की तर्ज वाले 'सेतु आयोग' के उपाध्यक्ष डॉ. राजशेखर जोशी का इस क्षेत्र से गहरा नाता है। वह मूल रूप से चम्पावत जिले के ही पाटी ब्लॉक के किमाड़ गांव के निवासी हैं। उनके पिता स्व. डॉ. जगन्नाथ जोशी कुमाऊं विश्वविद्यालय में संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष रहे थे। आईआईटी (IIT) से कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट डॉ. जोशी को देश-विदेश की रिलायंस, टाटा और आदित्य बिड़ला जैसी प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट कंपनियों में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन हेड और शीर्ष नेतृत्व पदों पर लगभग 35 वर्षों का लंबा अनुभव है। एआई (Artificial Intelligence), साइबर सुरक्षा, पब्लिक पॉलिसी और बिजनेस स्ट्रैटेजी के अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वह केंद्रीय कैबिनेट के 'एम्पावर्ड टेक्नोलॉजी ग्रुप' के विशेष आमंत्रित सदस्य और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत स्कूल शिक्षा में प्रौद्योगिकी को लेकर बने 'नेशनल फोकस ग्रुप' के सदस्य भी रह चुके हैं। ऐसे उच्च तकनीकी और प्रशासनिक अनुभव से समृद्ध व्यक्तित्व का अपनी गृह-तहसील में आकर मार्गदर्शन देना क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।इस विचार गोष्ठी में नगर पंचायत अध्यक्ष नारायण लाल, शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य राजेन्द्र पचौली, जगदीश पांडे, टीकाराम सोराड़ी, तेज सिंह बिष्ट, सुरेश भट्ट, छत्र सिंह बिष्ट, पीतांबर गहतोड़ी, दीपक गहतोड़ी और राजेन्द्र गहतोड़ी सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और क्षेत्र के विकास को लेकर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का सफल संचालन जगदीश गहतोड़ी द्वारा किया गया।