: बाराकोट: ग्राम सभा गुमोद के जंतोला तोक में आवासीय मकान में आई दरार, परिवार के 6 सदस्यों एवं 14 मवेशियों को जान का खतरा।
Laxman Singh Bisht
Mon, Jul 8, 2024बाराकोट के ग्राम सभा गुमोद के जंतोला तोक में आवासीय मकान में आई दरार, परिवार के 6 सदस्यों एवं 14 मवेशियों को जान का खतरा।
बाराकोट ब्लाक के ग्राम सभा गुमोद के जंतोला तोक निवासी भवान राम पुत्र चंद्राराम के आवासीय मकान में विगत 5 दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते दरार आ गई है भगवान राम द्वारा देवी आपदा कंट्रोल रूम बाराकोट में स्वयं उपस्थित होकर सूचना लिखित रूप में दर्ज कराई गई है। उनके द्वारा बताया गया कि बिगत दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से उनके आवासीय मकान में बहुत बड़ी दरार आ गई है
जिस कारण घर में रह रहे परिवार के 6 सदस्यों एवं 14 मवेशियों जिसमें 1 भैंस 1 कटरा और 12 बकरियां हैं को हर समय जान का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि उनका संपूर्ण परिवार विगत पांच दिनों से अत्यंत डरा हुआ है तथा हर सदस्य को अपने पुश्तैनी आवासीय मकान के गिर जाने का भय बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। वही लड़ीधुरा सांस्कृतिक मंच अध्यक्ष नागेंद्र जोशी ने प्रशासन से अनुरोध करते हुए कहा अभिलंब भवान राम के आवासीय मकान का निरीक्षण कर संभावित दैवीय आपदा के खतरे से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि परिवार के सदस्यों एवं मवेशियों के जीवन पर बने संभावित खतरे को टाला जा सके।
बाराकोट ब्लाक के ग्राम सभा गुमोद के जंतोला तोक निवासी भवान राम पुत्र चंद्राराम के आवासीय मकान में विगत 5 दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते दरार आ गई है भगवान राम द्वारा देवी आपदा कंट्रोल रूम बाराकोट में स्वयं उपस्थित होकर सूचना लिखित रूप में दर्ज कराई गई है। उनके द्वारा बताया गया कि बिगत दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से उनके आवासीय मकान में बहुत बड़ी दरार आ गई है
जिस कारण घर में रह रहे परिवार के 6 सदस्यों एवं 14 मवेशियों जिसमें 1 भैंस 1 कटरा और 12 बकरियां हैं को हर समय जान का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि उनका संपूर्ण परिवार विगत पांच दिनों से अत्यंत डरा हुआ है तथा हर सदस्य को अपने पुश्तैनी आवासीय मकान के गिर जाने का भय बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। वही लड़ीधुरा सांस्कृतिक मंच अध्यक्ष नागेंद्र जोशी ने प्रशासन से अनुरोध करते हुए कहा अभिलंब भवान राम के आवासीय मकान का निरीक्षण कर संभावित दैवीय आपदा के खतरे से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि परिवार के सदस्यों एवं मवेशियों के जीवन पर बने संभावित खतरे को टाला जा सके।