: बाराकोट:रात में दरका भवन जान बचाकर भागे परिजन परिवार के पास नहीं रहने का ठिकाना एसडीएम से लगाई गुहार
Laxman Singh Bisht
Wed, Oct 30, 2024
रात में दरका भवन जान बचाकर भागे परिजन परिवार के पास नहीं रहने का ठिकाना एसडीएम से लगाई गुहार
बाराकोट ब्लॉक के रेगांव के आगर तोक में रहने वाली अनुसूचित जाति की गरीब महिला भागूली देवी पत्नी स्वर्गीय हयात राम का भवन बीते दिनों आई आपदा में दरक गया था भवन में बड़ी बड़ी दरारे आ गई थी और परिवार ऐसे ही भवन में रहने को मजबूर था ग्राम प्रधान प्रतिनिधि धन सिंह अधिकारी ने बताया भवन में काफी दरारें आ गई थी जिसकी सूचना राजस्व विभाग को दी गई पटवारी के द्वारा मौका मुआयना भी किया गया
पर अभी तक इस अनुसूचित जाति के गरीब परिवार को प्रशासन के द्वारा कोई भी राहत राशि नहीं दी गई जबकि इसकी सूचना दो बार पटवारी को दी जा चुकी है वहीं आज बुधवार को भागूली देवी के पुत्र नंदकिशोर ने बताया इस मकान में उनकी मां के अलावा तीन भाइयों का 20 सदस्यी परिवार व उनके मवेशी रहते हैं सोमवार रात 3:00 बजे के लगभग जोर की आवाज के साथ मकान फटने लगा और मकान में बड़ी बड़ी दरारें आने लगी
तो आवाज सुनकर रात में ही सभी लोग जान बचाकर बाहर निकले और अपने चाचा के घर में शरण ली उन्होंने कहा अब उन लोगों के पास रहने का कोई दूसरा ठिकाना नहीं है भवन में रहना खतरे से खाली नहीं है और उन लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है परिवार ने एसडीएम लोहाघाट से मदद की गुहार लगाते हुए आर्थिक सहायता देने तथा उनके रहने का इंतजाम करने की मांग की है
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि धन सिंह अधिकारी ने कहा फिलहाल परिवार ने दूसरे के भवन में शरण ली हुई है उनके पास रहने का कोई दूसरा ठिकाना भी नहीं है परिवार की आर्थिक स्थिति भी काफी दयनीय है उन्होंंने प्रशासन से गरीब परिवार की मदद की मांग की है

बाराकोट ब्लॉक के रेगांव के आगर तोक में रहने वाली अनुसूचित जाति की गरीब महिला भागूली देवी पत्नी स्वर्गीय हयात राम का भवन बीते दिनों आई आपदा में दरक गया था भवन में बड़ी बड़ी दरारे आ गई थी और परिवार ऐसे ही भवन में रहने को मजबूर था ग्राम प्रधान प्रतिनिधि धन सिंह अधिकारी ने बताया भवन में काफी दरारें आ गई थी जिसकी सूचना राजस्व विभाग को दी गई पटवारी के द्वारा मौका मुआयना भी किया गया
पर अभी तक इस अनुसूचित जाति के गरीब परिवार को प्रशासन के द्वारा कोई भी राहत राशि नहीं दी गई जबकि इसकी सूचना दो बार पटवारी को दी जा चुकी है वहीं आज बुधवार को भागूली देवी के पुत्र नंदकिशोर ने बताया इस मकान में उनकी मां के अलावा तीन भाइयों का 20 सदस्यी परिवार व उनके मवेशी रहते हैं सोमवार रात 3:00 बजे के लगभग जोर की आवाज के साथ मकान फटने लगा और मकान में बड़ी बड़ी दरारें आने लगी
तो आवाज सुनकर रात में ही सभी लोग जान बचाकर बाहर निकले और अपने चाचा के घर में शरण ली उन्होंने कहा अब उन लोगों के पास रहने का कोई दूसरा ठिकाना नहीं है भवन में रहना खतरे से खाली नहीं है और उन लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है परिवार ने एसडीएम लोहाघाट से मदद की गुहार लगाते हुए आर्थिक सहायता देने तथा उनके रहने का इंतजाम करने की मांग की है
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि धन सिंह अधिकारी ने कहा फिलहाल परिवार ने दूसरे के भवन में शरण ली हुई है उनके पास रहने का कोई दूसरा ठिकाना भी नहीं है परिवार की आर्थिक स्थिति भी काफी दयनीय है उन्होंंने प्रशासन से गरीब परिवार की मदद की मांग की है
