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देवीधुरा :बाराही धाम में इतिहास रचेगा 72 फीट ऊँचा भव्य मंदिर,

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रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : देवीधुरा :बाराही धाम में इतिहास रचेगा 72 फीट ऊँचा भव्य मंदिर,

Laxman Singh Bisht

Thu, Feb 26, 2026

..देवीधुरा बाराही धाम में इतिहास रचेगा 72 फीट ऊँचा भव्य मंदिर,

20 मार्च को वैदिक विधि से होगा शिलान्यास।

सीएम पुष्कर सिंह धामी को मुख्य यजमान बनने का निमंत्रण, श्याम ग्रेनाइट की दिव्य मूर्ति होगी स्थापित।

लोहाघाट। उत्तराखंड के आस्था केंद्र बाराही धाम देवीधुरा में उत्तर भारत के पहले नवनिर्मित भव्य एवं दिव्य मंदिर का शिलान्यास आगामी 20 मार्च को पूर्ण वैदिक विधि-विधान के साथ किया जाएगा। मंदिर का स्वरूप सार्वजनिक होते ही श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई है। मंदिर शिलान्यास कार्यक्रम के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्य यजमान के रूप में आमंत्रित किया गया है।प्रस्तावित मंदिर का गर्भगृह नागर शैली में निर्मित होगा और इसकी ऊँचाई लगभग 72 फीट होगी। मंदिर के मध्य भाग में ताम्रपेटिका में विराजमान माँ बाराही की वर्तुल ब्रह्मांडीय शक्तियों का दिव्य स्वरूप स्थापित किया जाएगा। केंद्र में माँ महाकाली एवं माँ सरस्वती की स्थापना होगी तथा उनके पीछे माँ बाराही का स्वरूप इस प्रकार रहेगा कि श्रद्धालु सामने से ही दर्शन कर सकें।मान्यता है कि ताम्रपेटिका में विराजमान माँ बाराही के विग्रह को वर्ष में केवल एक बार रक्षाबंधन के दूसरे दिन स्नान एवं नवीन वस्त्र धारण कराने के लिए निकाला जाता है। इस दौरान पुजारी आँखों पर काली पट्टी बाँधकर ही विग्रह को स्पर्श करते हैं। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार माँ के तेज को खुली आँखों से देख पाना संभव नहीं है।माँ बाराही की मूर्ति श्याम ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित होगी, जिस प्रकार श्री राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्रीराम की प्रतिमा स्थापित की गई है। इस विग्रह का निर्माण विश्व प्रसिद्ध डोल आश्रम के संस्थापक स्वामी कल्याण दास जी महाराज के मार्गदर्शन में कराया जा रहा है। मंदिर निर्माण में उनका विशेष योगदान बताया गया है। मंदिर का संपूर्ण निर्माण देशभर में पारंपरिक मंदिर वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध सोमपुरा ग्रुप द्वारा किया जाएगा। ग्रुप के चेयरमैन विपुल त्रिवेदी स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं तथा एक आर्किटेक्ट स्थायी रूप से निर्माण कार्य की देखरेख करेगा।श्रीबाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष हीरा बल्लभ जोशी के अनुसार मंदिर निर्माण को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। ट्रस्ट की मंशा है कि माँ बाराही में आस्था रखने वाले प्रत्येक घर से एक शिला मंदिर निर्माण में समर्पित की जाए, जो उनकी श्रद्धा का प्रतीक होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण सहित ट्रस्ट के सभी कार्यों में लेनदेन पूर्णतः डिजिटल माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। ट्रस्ट के सूत्रधार लक्ष्मण सिंह लमगड़िया ने बताया कि 20 मार्च को होने वाले शिलान्यास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे और इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे।

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