: उत्तराखंड में जिला पंचायत में प्रशासक के तौर पर नियुक्त होंगे जिला पंचायत अध्यक्ष
Laxman Singh Bisht
Sat, Nov 30, 2024
उत्तराखंड में जिला पंचायत में प्रशासक के तौर पर नियुक्त होंगे जिला पंचायत अध्यक्ष
उत्तराखंड शासन ने जिला पंचायत अध्यक्षों को बड़ी राहत देते हुए जिला पंचायत में प्रशासक के तौर पर एक दिसंबर से तैनात करने के आदेश जारी कर दिए है यह आदेश शनिवार शाम को सचिव चंद्रेश यादव के द्वारा जारी किया गया है आदेश में लिखा है उत्तराखंड राज्य की समस्त गठित जिला पंचायत (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) में कार्यकाल समाप्ति दिनांक 1/12/ 2024 के पश्चात कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 6 माह से अनाधिक अवधि के लिए अथवा नई जिला पंचायत के गठन होने तक अथवा अग्रिम आदेशों तक जो भी पहले हो प्रशासक के रूप में संबंधित जनपद के जिला पंचायत के निवर्तमान अध्यक्ष को नियुक्त करने हेतु संबंधित जनपद के जिलाधिकारी /जिला मजिस्ट्रेट को प्राधिकृत करते हैं शासन ने जहां क्षेत्र पंचायतो में एसडीएम तथा ग्राम पंचायतो एडीओ को प्रशासक के तौर पर नियुक्त किया है तो वहीं जिला पंचायत अध्यक्षों को बड़ी राहत देते हुए जिला पचायत में प्रशासक के तौर पर नियुक्त किया है वहीं शासन के इस आदेश से निवर्तमान ग्राम प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों में आक्रोश देखने को मिल रहा है उन्होंने शासन की इस फेसले को भेदभाव पूर्ण बताया
उत्तराखंड शासन ने जिला पंचायत अध्यक्षों को बड़ी राहत देते हुए जिला पंचायत में प्रशासक के तौर पर एक दिसंबर से तैनात करने के आदेश जारी कर दिए है यह आदेश शनिवार शाम को सचिव चंद्रेश यादव के द्वारा जारी किया गया है आदेश में लिखा है उत्तराखंड राज्य की समस्त गठित जिला पंचायत (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) में कार्यकाल समाप्ति दिनांक 1/12/ 2024 के पश्चात कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 6 माह से अनाधिक अवधि के लिए अथवा नई जिला पंचायत के गठन होने तक अथवा अग्रिम आदेशों तक जो भी पहले हो प्रशासक के रूप में संबंधित जनपद के जिला पंचायत के निवर्तमान अध्यक्ष को नियुक्त करने हेतु संबंधित जनपद के जिलाधिकारी /जिला मजिस्ट्रेट को प्राधिकृत करते हैं शासन ने जहां क्षेत्र पंचायतो में एसडीएम तथा ग्राम पंचायतो एडीओ को प्रशासक के तौर पर नियुक्त किया है तो वहीं जिला पंचायत अध्यक्षों को बड़ी राहत देते हुए जिला पचायत में प्रशासक के तौर पर नियुक्त किया है वहीं शासन के इस आदेश से निवर्तमान ग्राम प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों में आक्रोश देखने को मिल रहा है उन्होंने शासन की इस फेसले को भेदभाव पूर्ण बताया