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दून:निदेशक मारपीट मामले में चार आरोपियों को अदालत से मिली जमानत। कर्मचारियों में आक्रोश

रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : दून:निदेशक मारपीट मामले में चार आरोपियों को अदालत से मिली जमानत। कर्मचारियों में आक्रोश

Laxman Singh Bisht

Mon, Feb 23, 2026

निदेशक मारपीट मामले में चार आरोपियों को अदालत से मिली जमानत। कर्मचारियों में आक्रोश

प्रदेश में चर्चाओं में चल रहे प्राथमिक शिक्षा निदेशालय में माध्यमिक शिक्षा निदेशक के साथ हुई मारपीट और तोड़फोड़ मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को अदालत से जमानत मिल गई है। इस फैसले से शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में नाराजगी फैल गई है। कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन तेज करने के संकेत दे दिए हैं। बीते शनिवार को देहरादून में शिक्षा निदेशालय में उस समय विवाद हो गया था जब रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों के निदेशालय पहुंचने के बाद माहौल अचानक गरम हो गया। प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल की शिकायत के आधार पर आरोप लगाया गया कि उनके कार्यालय में घुसकर मारपीट की गई, सरकारी कामकाज में बाधा डाली गई और कार्यालय के भीतर तोड़फोड़ की गई। निदेशक की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया, जिनमें सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकना या डराना, दंगा और अव्यवस्था फैलाना, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, जान से मारने या गंभीर परिणाम की धमकी देना, जानबूझकर अपमानित कर शांति भंग करने की कोशिश जैसी धाराएं शामिल हैं।मामले में गिरफ्तार किए गए अरविंद पुंडीर उर्फ कल्ली, लक्ष्मण नवानी, राकेश थपलियाल और अक्षय राणा शामिल थे। इनमें से एक आरोपी कल्ली हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है।सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान अपर सिविल जज ममता पंत की अदालत ने फिलहाल चारों आरोपियों को जमानत दे दी। अदालत के आदेश के बाद सभी आरोपी जेल से बाहर आ गए हैं, हालांकि केस की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी। आरोपियों को

जमानत मिलने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी खुलकर नाराजगी जता रहे हैं। उनका कहना है कि इस घटना ने प्रशासनिक सुरक्षा और कार्यस्थल की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कर्मचारी मामले में शामिल विधायक उमेश शर्मा काऊ की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे इसके उल्ट पुलिस द्वारा गिरफ्तार चार आरोपियों को भी जमानत पर रिहा कर दिया गया है। कर्मचारी संगठनों ने पुनः अपनी मांग दोहराते हुए कहा है कि मामले में सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। सूत्रों के मुताबिक कर्मचारी संगठनों के भीतर अब बड़े आंदोलन की रणनीति पर चर्चा चल रही है। यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज हो सकता है प्रदेश में एक बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।

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