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रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट 👹👹 : पिथौरागढ़ में "आदली कुशली" दूध बोलि भाषा सम्मेलन मे चंपावत के आठ साहित्यकारों को मिला सम्मान

Laxman Singh Bisht

Sun, Jun 22, 2025

पिथौरागढ़ में "आदली कुशली" दूध बोलि भाषा सम्मेलन मे चंपावत के आठ साहित्यकारों को मिला सम्मानपिथौरागढ़ में 21 और 22 जून को आयोजित हुए कुमाऊंनी भाषा और लोकसंस्कृति को समर्पित प्रमुख साहित्यिक कार्यक्रम "आदलि कुशली" दूध बोलि भाषा सम्मेलन में चंपावत जिले के नौ साहित्यकारों और कवियों को सम्मानित किया गया। यह क्षण जिले के लिए गर्व का रहा, जब लोहाघाट और आसपास के क्षेत्रों से साहित्यिक सेवा में लगे रचनाकारों को मंच पर पुनः प्रतिष्ठा के साथ सम्मानित किया गया।

सम्मान प्राप्त करने वालों में शामिल हैं:

🔹 वरिष्ठ साहित्यकार व उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी भूपेंद्र सिंह देव 'ताऊजी'

🔹 ख्याति प्राप्त कवि जीवन तिवारी आचार्य

🔹 प्रसिद्ध लेखक/कवयित्री एवं अध्यापिका कमला वेदी

🔹 सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कवयित्री हेमा जोशी 'स्वाति'

🔹 भाषा सेवक व रचनाकार नवीन पंत

🔹 राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षक नरेश जोशी

🔹 युवा लेखक व कवि गौरव बंसल

🔹 नवोदित साहित्यिक प्रतिभा नितिन देव

🔹राज्यपाल पुरस्कार प्राप्तकर्ता अध्यापिका श्रीमती मंजू बाला इन सभी रचनाकारों / साहित्यकारों को उनकी कुमाऊंनी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक संरक्षण में सक्रिय भूमिका के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उनकी कविताओं, विचारों और लोकसंवेदनशील प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया।इस उपलब्धि से लोहाघाट सहित पूरे चंपावत जिले में गर्व और हर्ष का वातावरण है। स्थानीय साहित्यिक से संस्थाओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों ने इस सम्मान को क्षेत्र की सांस्कृतिक चेतना और समर्पण का प्रमाण बताया। संस्थापक डॉ सरस्वती कोहली के संरक्षण दिशा निर्देशन में "आदली कुशली" दूध बोलि भाषा जैसे आयोजन एवं निरंतर आठ वर्षों से प्रकाशित हो रही मासिक पत्रिका न केवल कुमाऊंनी भाषा के संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी लोकसंस्कृति दूधबोलि भाषा और परंपरा से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

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