: पाटी:त्रिलोचन गहतोड़ी के घर में गुलदार घुसने से मची दहशत।बड़ेत-खेत गांव के आसपास एक पखवाड़े से रोज दिखाई दे रहा है गुलदार।
Laxman Singh Bisht
Sun, Feb 16, 2025
त्रिलोचन गहतोड़ी के घर में गुलदार घुसने से मची दहशत।बड़ेत-खेत गांव के आसपास एक पखवाड़े से रोज दिखाई दे रहा है गुलदार।
चंपावत जिले के पाटी ब्लाक के ग्राम पंचायत रौलमेल के बड़ेत-खेत गांव के आसपास पिछले एक पखवाड़े से गुलदार रोज दिखाई दे रहा है। विगत दिनों त्रिलोचन गहतोड़ी के घर के चाक में गुलदार उस समय घुस गया जब वह अपने कुत्ते के साथ आग सेक रहे थे। एकाएक गुलदार के आने से कुत्ता वहां से भाग गया तथा उनके चिल्लाने के बाद बड़े मुश्किल से गुलदार बाहर निकला। गहतोड़ी का मकान ऐसे स्थान में है, जहां एक किलोमीटर की परिधि में और कोई दूसरा मकान नहीं है। वह अपनी पत्नी के साथ यहां पर रहते हैं। इस संबंध में उन्होंने डीएफओ चंपावत को भी सूचना दी है। गहतोड़ी का कहना है कि गुलदार के कारण अब वह गांव छोड़ने के लिए मजबूर होते जा रहे हैं। उसने यहां कई मवेशियों को अपना निवाला भी बना दिया है। त्रिलोचन गहतोड़ी के बच्चे बाहर रहते हैं तथा दोनों पति पत्नी यहां खेती-बाड़ी कर अपनी गुजर करते आ रहे हैं। वन विभाग द्वारा इस स्थान में अभी तक कोई सोलर लाइट भी नहीं लगाई है। उनका यह भी कहना है कि गांव को जोड़ने वाली सड़क बरसात में ध्वस्त होने के कारण बंद हो गई थी, जिससे अभी तक उसमें यातायात शुरू नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि आकस्मिक स्थिति में वे सड़क का उपयोग करने में भी असमर्थ हैं।
चंपावत जिले के पाटी ब्लाक के ग्राम पंचायत रौलमेल के बड़ेत-खेत गांव के आसपास पिछले एक पखवाड़े से गुलदार रोज दिखाई दे रहा है। विगत दिनों त्रिलोचन गहतोड़ी के घर के चाक में गुलदार उस समय घुस गया जब वह अपने कुत्ते के साथ आग सेक रहे थे। एकाएक गुलदार के आने से कुत्ता वहां से भाग गया तथा उनके चिल्लाने के बाद बड़े मुश्किल से गुलदार बाहर निकला। गहतोड़ी का मकान ऐसे स्थान में है, जहां एक किलोमीटर की परिधि में और कोई दूसरा मकान नहीं है। वह अपनी पत्नी के साथ यहां पर रहते हैं। इस संबंध में उन्होंने डीएफओ चंपावत को भी सूचना दी है। गहतोड़ी का कहना है कि गुलदार के कारण अब वह गांव छोड़ने के लिए मजबूर होते जा रहे हैं। उसने यहां कई मवेशियों को अपना निवाला भी बना दिया है। त्रिलोचन गहतोड़ी के बच्चे बाहर रहते हैं तथा दोनों पति पत्नी यहां खेती-बाड़ी कर अपनी गुजर करते आ रहे हैं। वन विभाग द्वारा इस स्थान में अभी तक कोई सोलर लाइट भी नहीं लगाई है। उनका यह भी कहना है कि गांव को जोड़ने वाली सड़क बरसात में ध्वस्त होने के कारण बंद हो गई थी, जिससे अभी तक उसमें यातायात शुरू नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि आकस्मिक स्थिति में वे सड़क का उपयोग करने में भी असमर्थ हैं।