रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : खेतीखान:बाँजगांव मे नव दिवसीय श्रीराम कथा महायज्ञ के छठे दिन राम-भरत मिलाप प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु।
Laxman Singh Bisht
Sat, May 23, 2026
बाँजगांव मे नव दिवसीय श्रीराम कथा महायज्ञ के छठे दिन राम-भरत मिलाप प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु।

राम कथा में उमड़ रहा है भक्तों का सैलाब


गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, बाँजगांव खेतीखान में आयोजित नव दिवसीय श्रीराम कथा महायज्ञ के छठे दिवस में कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। कथा व्यास पंडित नकुल पंत महाराज ने भगवान श्रीराम एवं भरत जी के प्रेम, त्याग और भाईचारे का मार्मिक वर्णन करते हुए “राम-भरत मिलाप” प्रसंग सुनाया।कथा व्यास पंडित नकुल पंत महाराज ने बताया कि जब भरत को भगवान श्रीराम के वनवास का समाचार मिला तो वे अत्यंत व्यथित हो उठे। उन्होंने राज्य और राजसुख को त्यागकर भगवान श्रीराम को वापस अयोध्या लाने का संकल्प लिया। चित्रकूट में जब भरत और श्रीराम का मिलन हुआ तो वह दृश्य अत्यंत भावुक एवं हृदयस्पर्शी था। दोनों भाइयों का प्रेम, समर्पण और मर्यादा सम्पूर्ण मानव समाज के लिए आदर्श है। महाराज ने कहा कि आज के समय में राम-भरत जैसा भाईचारा, त्याग और परिवार के प्रति समर्पण समाज को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने धर्म और मर्यादा का पालन करते हुए वनवास स्वीकार किया, वहीं भरत जी ने सिंहासन को अस्वीकार कर भाई प्रेम और आदर्श का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।

श्रीराम कथा महायज्ञ के आयोजक एवं गुप्तेश्वर महादेव मंदिर के महंत 108 मुनेश्वर गिरि जी महाराज तथा महंत यमुना गिरि जी महाराज ने समस्त क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण हेतु पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा समाज में प्रेम, संस्कार, धर्म एवं एकता का संदेश देती है तथा युवाओं को अपनी सनातन संस्कृति से जोड़ने का कार्य करती है।भक्ति भाव सेवा परिवार के संस्थापक पंडित नकुल पंत महाराज एवं उनकी समर्पित टीम द्वारा कथा आयोजन को भव्य एवं दिव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। उनकी टीम लगातार श्रद्धालुओं की सेवा, व्यवस्था एवं धार्मिक वातावरण को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। क्षेत्रवासियों ने आयोजन समिति एवं भक्ति भाव सेवा परिवार की सराहना करते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की।कथा के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर “जय श्रीराम” के जयघोष करते रहे। पूरा कथा पंडाल भक्तिरस में डूबा रहा। कथा के पश्चात भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया।इस अवसर पर नो बुगा फड़का क्षेत्र के बाजगांव, बायलाबूग, सुजानगांव, तपनीपाल, मारागांव, कड़वाल गांव, कमलेख, मनर तल्ला, गम्भीर गांव, बटुलबाज सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।