: चंपावत जिले में शराब की दुकानो में ओवर रेट में धड़ल्ले से बेची जा रही शराब ,आबकारी विभाग खामोश लोगों ने डीएम से ओवर रेटिंग पर लगाम लगाने की करी मांग
Laxman Singh Bisht
Mon, Nov 13, 2023चंपावत जिले में शराब की दुकानो में ओवर रेट में धड़ल्ले से बेची जा रही शराब आबकारी विभाग खामोश लोगों ने डीएम से ओवर रेटिंग पर लगाम लगाने की करी मांग
चंपावत जिले में आजकल सभी प्रकार की शराब की दुकान में खुलेआम ओवर रेट में शराब की बिक्री जारी है शराब की दुकान में शराब बेचने वाले सेल्समैनों के द्वारा ग्राहकों से 30 से लेकर 100 रुपए तक ओवररेट में शराब बेची जा रही है पर जिले का आबकारी महकमा सोया पड़ा है नाम न छापने की शर्त पर शराब खरीदने वाले उपभोक्ताओं ने बताया शराब की बोतल में शराब विक्रेताओं के द्वारा उपभोक्ताओं से 50 से 100 रुपए अधिक वसूले जा रहे हैं
तथा क्वाटर व हाफ में भी ओवरेटिंग करी जा रही है उपभोक्ताओं ने कहा अगर सेल्समैनों से प्रिंट रेट से पैसे अधिक लेने की बात कही जाती है तो वे लोग लड़ाई झगड़ा व अभद्रता में उतर जाते हैं उपभोक्ताओं ने कहा आबकारी विभाग के द्वारा शराब की दुकानो में ओवर रेटिंग पर कोई कार्रवाई तक नहीं करी जाती है ना ही कभी दुकानों की छानबीन करी जाती है इसके अलावा जगह-जगह होटलो में खुलेआम शराब बेची जा रही है
उपभोक्ताओं ने आबकारी विभाग पर शराब व्यापारियों से साथ साठ गाठ का गंभीर आरोप लगाया है उपभोक्ता ने कहा ओवररेटिंग मामले में प्रशासन , पुलिस ना ही आबकारी विभाग कोई कार्रवाई करने को तैयार है मालूम हो अभी कुछ दिन पहले ही जिले की पाटी की शराब की दुकान में ओवर रेटिंग का वीडियो एक उपभोक्ता के द्वारा सोशल मीडिया में डाला गया था
सूत्रों के मुताबिक इस वीडियो को जिला आबकारी अधिकारी के पास भी भेजा गया था इसके अलावा बनबसा शराब की दुकान में ओवर रेटिंग की बात करने पर सेल्समैन के द्वारा वरिष्ठ पत्रकार के साथ अभद्रता तक करी गई पर आबकारी महकमें के द्वारा फिर भी कोई कार्रवाई नहीं करी गई वहीं लोगों का कहना है जिले की सभी शराब की दुकानों में जमकर ओवर रेटिंग करी जा रही है पर आबकारी महकमा सोया हुआ है
नाही पुलिस व प्रशासन कोई संज्ञान ले रहा है उपभोक्ताओं ने डीएम चंपावत से मामले का संज्ञान लेते हुए शराब की ओवर रेटिंग में लगाम लगाने की मांग करी है कुल मिलाकर इस समय चंपावत जिले में बनबसा से लेकर पाटी तक शराब की दुकानों में लंबे समय से जमकर ओवररेटिंग का खेल चल रहा है और उपभोक्ता शराब विक्रेताओं के डर से चुप रहने को मजबूर है आबकारी विभाग के अधिकारी सोए पड़े है क्यूंकि लगता है सवाल मोटी कमाई का है अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या संज्ञान लेता है

चंपावत जिले में आजकल सभी प्रकार की शराब की दुकान में खुलेआम ओवर रेट में शराब की बिक्री जारी है शराब की दुकान में शराब बेचने वाले सेल्समैनों के द्वारा ग्राहकों से 30 से लेकर 100 रुपए तक ओवररेट में शराब बेची जा रही है पर जिले का आबकारी महकमा सोया पड़ा है नाम न छापने की शर्त पर शराब खरीदने वाले उपभोक्ताओं ने बताया शराब की बोतल में शराब विक्रेताओं के द्वारा उपभोक्ताओं से 50 से 100 रुपए अधिक वसूले जा रहे हैं
तथा क्वाटर व हाफ में भी ओवरेटिंग करी जा रही है उपभोक्ताओं ने कहा अगर सेल्समैनों से प्रिंट रेट से पैसे अधिक लेने की बात कही जाती है तो वे लोग लड़ाई झगड़ा व अभद्रता में उतर जाते हैं उपभोक्ताओं ने कहा आबकारी विभाग के द्वारा शराब की दुकानो में ओवर रेटिंग पर कोई कार्रवाई तक नहीं करी जाती है ना ही कभी दुकानों की छानबीन करी जाती है इसके अलावा जगह-जगह होटलो में खुलेआम शराब बेची जा रही है
उपभोक्ताओं ने आबकारी विभाग पर शराब व्यापारियों से साथ साठ गाठ का गंभीर आरोप लगाया है उपभोक्ता ने कहा ओवररेटिंग मामले में प्रशासन , पुलिस ना ही आबकारी विभाग कोई कार्रवाई करने को तैयार है मालूम हो अभी कुछ दिन पहले ही जिले की पाटी की शराब की दुकान में ओवर रेटिंग का वीडियो एक उपभोक्ता के द्वारा सोशल मीडिया में डाला गया था
सूत्रों के मुताबिक इस वीडियो को जिला आबकारी अधिकारी के पास भी भेजा गया था इसके अलावा बनबसा शराब की दुकान में ओवर रेटिंग की बात करने पर सेल्समैन के द्वारा वरिष्ठ पत्रकार के साथ अभद्रता तक करी गई पर आबकारी महकमें के द्वारा फिर भी कोई कार्रवाई नहीं करी गई वहीं लोगों का कहना है जिले की सभी शराब की दुकानों में जमकर ओवर रेटिंग करी जा रही है पर आबकारी महकमा सोया हुआ है
नाही पुलिस व प्रशासन कोई संज्ञान ले रहा है उपभोक्ताओं ने डीएम चंपावत से मामले का संज्ञान लेते हुए शराब की ओवर रेटिंग में लगाम लगाने की मांग करी है कुल मिलाकर इस समय चंपावत जिले में बनबसा से लेकर पाटी तक शराब की दुकानों में लंबे समय से जमकर ओवररेटिंग का खेल चल रहा है और उपभोक्ता शराब विक्रेताओं के डर से चुप रहने को मजबूर है आबकारी विभाग के अधिकारी सोए पड़े है क्यूंकि लगता है सवाल मोटी कमाई का है अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या संज्ञान लेता है
