: लोहाघाट:नुकसान पांच लाख का मुआवजा मिला दस हज़ार आपदा पीड़ित हैरान
Laxman Singh Bisht
Wed, Sep 25, 2024
नुकसान पांच लाख का मुआवजा मिला दस हज़ार आपदा पीड़ित हैरान
चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक के दूरस्थ नेत्र सलान के देव सिंह के द्वारा गांव में पोल्ट्री फार्म, चक्की खोलकर स्वरोजगार कर अपने परिवार का पालन पोषण किया जा रहा था 13 सितंबर को आई आपदा ने देव सिंह से उसका सब कुछ छीन लिया देव सिंह ने बताया उनके पोल्ट्री फार्म में 350 मुर्गिया थी लेकिन आपदा मे उनका पोल्ट्री फार्म ,आटे व धान की चक्की, फ्रिज ,इनवर्टर, कूलर ,पंखे, मुर्गियों का चारा आदि सब कुछ बह गया देब सिंह ने बताया सूचना पर राजस्व उप निरीक्षक के द्वारा मौका मुवायना कर नुकसान का आकलन भी किया गया देव सिंह ने बताया इस आपदा से उन्हें लगभग पांच लाख रुपए का नुकसान हुआ है और प्रशासन के द्वारा उन्हें मात्र दस हज़ार रुपए का मुआवजा दिया गया है देव सिंह ने कहा यह पता नहीं किस प्रकार से नुकसान का आकलन किया गया वहीं इतने बड़े नुकसान में मात्र दस हज़ार रुपए का मुआवजा मिलने पर देव सिंह काफी हैरान है उनका कहना है दस हज़ार में तो मलवा भी साफ नहीं होगा
वहीं क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से देव सिंह को उचित मुआवजा देने की मांग की है साथ ही सरकार से आपदा के मानको में बदलाव करने की मांग भी उठाई है वही रोजगार खत्म होने से देव सिंह के सामने अब रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है,
चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक के दूरस्थ नेत्र सलान के देव सिंह के द्वारा गांव में पोल्ट्री फार्म, चक्की खोलकर स्वरोजगार कर अपने परिवार का पालन पोषण किया जा रहा था 13 सितंबर को आई आपदा ने देव सिंह से उसका सब कुछ छीन लिया देव सिंह ने बताया उनके पोल्ट्री फार्म में 350 मुर्गिया थी लेकिन आपदा मे उनका पोल्ट्री फार्म ,आटे व धान की चक्की, फ्रिज ,इनवर्टर, कूलर ,पंखे, मुर्गियों का चारा आदि सब कुछ बह गया देब सिंह ने बताया सूचना पर राजस्व उप निरीक्षक के द्वारा मौका मुवायना कर नुकसान का आकलन भी किया गया देव सिंह ने बताया इस आपदा से उन्हें लगभग पांच लाख रुपए का नुकसान हुआ है और प्रशासन के द्वारा उन्हें मात्र दस हज़ार रुपए का मुआवजा दिया गया है देव सिंह ने कहा यह पता नहीं किस प्रकार से नुकसान का आकलन किया गया वहीं इतने बड़े नुकसान में मात्र दस हज़ार रुपए का मुआवजा मिलने पर देव सिंह काफी हैरान है उनका कहना है दस हज़ार में तो मलवा भी साफ नहीं होगा
वहीं क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से देव सिंह को उचित मुआवजा देने की मांग की है साथ ही सरकार से आपदा के मानको में बदलाव करने की मांग भी उठाई है वही रोजगार खत्म होने से देव सिंह के सामने अब रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है,