: लोहाघाट:36वीं वाहिनी आइटीबीपी ने धूमधाम से मनाया 17 वा स्थापना दिवस हुई भव्य आकर्षक परेड।
Laxman Singh Bisht
Tue, Jan 23, 2024
36वीं वाहिनी आइटीबीपी ने धूमधाम से मनाया 17 वा स्थापना दिवस हुई भव्य आकर्षक परेड।
लोहाघाट मे आइटीबीपी की 36वीं वाहिनी के 17 वे स्थापना दिवस को काफी धूमधाम के साथ मनाया गया इस अवसर पर देश की आन-बान और शान के लिए मर मिटने का संकल्प लेते हुए इस अवसर पर हिमवीरों ने वाहिनी परिसर छमनिया में भव्य व आकर्षक परेड की। सहायक सेनानी पंकज कुमार के संचालन में हुई परेड को देखने के लिए आईटीबीपी के सेवानिवृत अधिकारी और जवान भी आए हुए थे।
कमांडेंट डीपीएस रावत ने परेड की सलामी लेते हुए कहा 36वीं वाहिनी द्वारा अपनी स्थापना के बाद उसने अपने दायित्वों व कर्तव्यों का जो शानदार तरीके से निर्वाह कर इतिहास रचा है, उसके लिए उन्होंने सभी हिमवीरों एवं अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि मुझे गर्व है कि हमारे हिमवीरों ने हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि 36 वीं वाहिनी द्वारा चीन सीमाओं से लगे धाकड़,वेदांग, दावे सहित अन्य सीमांत चौकियों में विषम भौगोलिक
परिस्थितियों एवं मौसम की मार को झेलते हुए सीमाओं की रक्षा करने के साथ पलायन कर चुके प्रथम पंक्ति के गांवों को आबाद करने एवं लोगों का स्वाभिमान बढ़ाने में उल्लेखनीय कार्य कर हमारी रक्षा पंक्ति को मजबूत किया है। इस अवसर पर कमांडेंट ने हिमवीरों के परिवारों का स्वागत करते हुए कहा कि हिमवीरों का साहस, सामर्थ्य एवं उत्साह बढ़ाने में उनके परिवारों की अहम भूमिका होती है, जिसे कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
लोहाघाट मे आइटीबीपी की 36वीं वाहिनी के 17 वे स्थापना दिवस को काफी धूमधाम के साथ मनाया गया इस अवसर पर देश की आन-बान और शान के लिए मर मिटने का संकल्प लेते हुए इस अवसर पर हिमवीरों ने वाहिनी परिसर छमनिया में भव्य व आकर्षक परेड की। सहायक सेनानी पंकज कुमार के संचालन में हुई परेड को देखने के लिए आईटीबीपी के सेवानिवृत अधिकारी और जवान भी आए हुए थे।
कमांडेंट डीपीएस रावत ने परेड की सलामी लेते हुए कहा 36वीं वाहिनी द्वारा अपनी स्थापना के बाद उसने अपने दायित्वों व कर्तव्यों का जो शानदार तरीके से निर्वाह कर इतिहास रचा है, उसके लिए उन्होंने सभी हिमवीरों एवं अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि मुझे गर्व है कि हमारे हिमवीरों ने हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि 36 वीं वाहिनी द्वारा चीन सीमाओं से लगे धाकड़,वेदांग, दावे सहित अन्य सीमांत चौकियों में विषम भौगोलिक
परिस्थितियों एवं मौसम की मार को झेलते हुए सीमाओं की रक्षा करने के साथ पलायन कर चुके प्रथम पंक्ति के गांवों को आबाद करने एवं लोगों का स्वाभिमान बढ़ाने में उल्लेखनीय कार्य कर हमारी रक्षा पंक्ति को मजबूत किया है। इस अवसर पर कमांडेंट ने हिमवीरों के परिवारों का स्वागत करते हुए कहा कि हिमवीरों का साहस, सामर्थ्य एवं उत्साह बढ़ाने में उनके परिवारों की अहम भूमिका होती है, जिसे कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।