: लोहाघाट:केंद्रीय विद्यालय भवन निर्माण के मलवे से ढक दिए जल स्रोत लोगों में गुस्सा प्रशासन से कार्य दाई संस्था पर कार्रवाई की मांग एनजीटी के नियमों के उड़ रही है धज्जियां
Laxman Singh Bisht
Sun, Dec 22, 2024केंद्रीय विद्यालय भवन निर्माण के मलवे से ढक दिए जल स्रोत लोगों में गुस्सा प्रशासन से कार्य दाई संस्था पर कार्रवाई की मांग एनजीटी के नियमों के उड़ रही है धज्जियां
लोहाघाट के छमनियाचौड़ में बन रहे केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण के दौरान कार्यदाई सस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है निर्माण दाई सस्था के द्वारा पर्यावरण व जल स्रोतों को बड़ा नुकसान पहुंचा जा रहा है निर्माण कार्य में निकल रही मिट्टी को जेसीबी की मदद से नीचे बहने वाले जल स्रोत में भर दिया गया है जिस कारण जलस्रोत अवरुद्ध हो गया निर्माण दाई संस्था की मनमानी के कारण प्रेम नगर क्षेत्र के ग्रामीणों व पर्यावरण प्रेमियों में काफी गुस्सा है
उन्होंने कहा निर्माण कार्य कर रही कंपनी के द्वारा मानको की अनदेखी कर निर्माण कार्य से निकलने वाली मिट्टी को डंपिंग जोन में न डाल नीचे बहने वाले गधेरे में डाला जा रहा है जिस कारण अविरल बहने वाले गधेरे के अस्तित्व पर खतरा हो गया है उन्होंने कहा यह क्षेत्र के पेयजल का मुख्य स्रोत है पर निर्माण कार्य कर रही कंपनी के द्वारा माननीय हाईकोर्ट व एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है
लोगों ने प्रशासन से निर्माण दाई संस्था पर कड़ी कार्रवाई कर जल स्रोत से मिट्टी हटाने की मांग की है तथा कार्यवाही न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है
लोहाघाट के छमनियाचौड़ में बन रहे केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण के दौरान कार्यदाई सस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है निर्माण दाई सस्था के द्वारा पर्यावरण व जल स्रोतों को बड़ा नुकसान पहुंचा जा रहा है निर्माण कार्य में निकल रही मिट्टी को जेसीबी की मदद से नीचे बहने वाले जल स्रोत में भर दिया गया है जिस कारण जलस्रोत अवरुद्ध हो गया निर्माण दाई संस्था की मनमानी के कारण प्रेम नगर क्षेत्र के ग्रामीणों व पर्यावरण प्रेमियों में काफी गुस्सा है
उन्होंने कहा निर्माण कार्य कर रही कंपनी के द्वारा मानको की अनदेखी कर निर्माण कार्य से निकलने वाली मिट्टी को डंपिंग जोन में न डाल नीचे बहने वाले गधेरे में डाला जा रहा है जिस कारण अविरल बहने वाले गधेरे के अस्तित्व पर खतरा हो गया है उन्होंने कहा यह क्षेत्र के पेयजल का मुख्य स्रोत है पर निर्माण कार्य कर रही कंपनी के द्वारा माननीय हाईकोर्ट व एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है
लोगों ने प्रशासन से निर्माण दाई संस्था पर कड़ी कार्रवाई कर जल स्रोत से मिट्टी हटाने की मांग की है तथा कार्यवाही न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है