रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:बुजुर्ग चेतराम के समर्थन में आए कांग्रेस जिला अध्यक्ष साथ बैठे धरने में। 17 दिनों से चल रहा धरना है ।
Laxman Singh Bisht
Wed, Jun 10, 2026
बुजुर्ग चेतराम के समर्थन में आए कांग्रेस जिला अध्यक्ष साथ बैठे धरने में।

कहा धामी शासन में अनुसूचित जाति के बुजुर्ग की नहीं ली जा रही है सुध।

अपनी मुवावजे की मांग को लेकर पिछले 17 दिनों से लोक निर्माण विभाग कार्यालय लोहाघाट में धरना दे रहे लोहाघाट के गंगनौला निवासी बुजुर्ग चेतराम धरना दे रहे हैं। पर उनकी मांगों का प्रशासन के द्वारा कोई भी संज्ञान नहीं लिया गया है। आज बुजुर्ग चेतराम के धरने के समर्थन में कांग्रेस जिला अध्यक्ष चिराग फर्त्याल सामने आए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ वह धरना स्थल लोक निर्माण विभाग कार्यालय पहुंचे और बुजुर्ग चेतराम के साथ लोक निर्माण विभाग कार्यालय में धरने में बैठ गए। इस दौरान उनके द्वारा बुजुर्ग की समस्या व मांगों को सुना गया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष फर्त्याल ने कहा अपनी मांगों को लेकर अनुसूचित जाति का एक बुजुर्ग व्यक्ति पिछले 17 दिनों से धरने पर बैठा है पर सरकार , प्रशासन व भाजपा के जनप्रतिनिधियों के द्वारा उनकी कोई सुध नहीं ली जा रही है प्रशासन का कोई भी अधिकारी अभी तक धरना स्थल में नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा बुजुर्ग की मांग चाहे उचित हो चाहे अनुचित पर प्रशासन ने सुनना चाहिए। उन्होंने कहा सरकार व प्रशासन का यह रवैया सोचनीय है। फर्त्याल ने कहा अगर सरकार व प्रशासन बुजुर्ग की सुध नहीं लेता है तो कांग्रेस बुजुर्ग की लड़ाई को लड़ेगी कहा बुजुर्ग को पीडब्ल्यूडी के द्वारा वर्ष 1993 मे मस्टरोल के तहत रखा गया था। इस दौरान उनके द्वारा जिलाधिकारी चंपावत तथा अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग से फोन वार्ता कर बुजुर्ग की समस्या सुनने तथा उन्हें उचित मुआवजा देने की मांग की। कहा आज मुख्यमंत्री राहत कोश से भाजपा नेताओं को लाखों रुपए की राहत राशि बाटी जा रही है। पर पिछले 17 दिनों से धरना दे रहे बुजुर्ग को देने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष नहीं बना है क्या। कहा अगर जल्द बुजुर्ग को मुआवजा नहीं मिलता है तो कांग्रेस बुजुर्ग के समर्थन में खुलकर सामने आएगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी कहा एक बुजुर्ग पिछले 17 दिनों से धरने पर बैठा है क्या शासन प्रशासन की उनकी सुध लेने की जिम्मेदारी नहीं बनती है अगर धरने के दौरान बुजुर्गों को कुछ हो गया तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी उन्होंने कहा और धामी सरकार बुजुर्गों व अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान की बात करती है। मामले में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हितेश कांडपाल ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष को बताया कर्मकार श्रमिक बोर्ड के निर्देश पर बुजुर्ग को 34 हजार रुपए का मुआवजा दिया जा चुका है तथा उनकी याचिका को हाई कोर्ट के द्वारा खारिज किया जा चुका है उनके मामले में विभाग कुछ भी नहीं कर सकता है। मामले में पिछले 33 सालों से धरना दे रहे बुजुर्ग चेतराम ने कहा लोक निर्माण विभाग लोहाघाट मे वह वर्ष 1993 मे मस्टरोल के तहत कार्यरत थे वर्ष 1995 में लोहाघाट महाविद्यालय भवन निर्माण के दौरान वह छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिसमें उन्हें काफी गंभीर चोटे आई थी तथा उनकी एक किडनी भी ऑपरेशन कर हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में निकाली गई थी। उन्होंने कहा विभाग के द्वारा वादा करने के बावजूद उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया गया और ना ही उनके बेटे को नौकरी पर रखा गया। कहा वह 33 वर्षों से अपनी मांगों को लेकर 116 बार धरना कर चुके हैं पर अभी भी उनकी सुध नहीं ली गई ।कहा अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वह आत्मदाह करने से भी पीछे नहीं हटेंगे ।इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग की होगी। फिलहाल कांग्रेस के समर्थन में आने से बुजुर्ग का उत्साह बड़ा है। चेतराम के द्वारा उनकी बात सुनने के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष व कांग्रेस पार्टी को धन्यवाद दिया गया। देखने वाली बात है क्या बुजुर्ग का धरना क्या रंग लाता है। इस दौरान ग्राम प्रधान बलाई जीवन बिष्ट ,लोकेश पांडे, अनंत शाह सहित कई कांग्रेसी मौजूद रहे