रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट : लोहाघाट:दोनों पैर कटने के बावजूद भी सुंदर के हौसले बुलंद। डीएम का मिला सहारा।
Laxman Singh Bisht
Mon, Mar 23, 2026
दोनों पैर कटने के बावजूद भी सुंदर के हौसले बुलंद। डीएम का मिला सहारा।
जिलाधिकारी के निर्देश पर लगेंगे कृत्रिम पैर करना चाहते हैं स्वरोजगार।
जिंदगी से मायूस लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है सुंदर राम।

लोहाघाट।*किसी शायर ने कहा है मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है।* यह कहावत चंपावत जिले के जनकांडे क्षेत्र के सिरमौली गांव के सुंदर राम पर सही बैठती है। कभी राजमिस्त्री का काम कर लोगों के घर बनाने वाले सुंदर राम पर ऐसी आपदा आई कि वर्ष 2020 में गैंग्रीन होने से चिकित्सकों को उनके दोनों पैर काटने पड़े और सुंदर पंख कटे पंछी की तरह घर पर कैद होकर रह गए। ऑपरेशन के बाद किसी तरह उनकी जान बची। पर सुंदर राम ने हार नहीं मानी। सुंदर राम ने अपने दोनों कटे हुए पैरों के सहारे ही चलना और जीना सीखा और घर पर ही छोटा-मोटा काम करने लगे। अब सुंदर किसी आम आदमी की तरह अपने दोनों कटे हुए पैरों से चलते हैं । अपने कार्यों के लिए लोहाघाट और चंपावत बाजार तक जाते हैं तथा हर वह कार्य करते हैं जो एक आदमी करता है। सुंदर राम ने बताया जब उनके पैर कटे तो उन्होंने जीने की आस ही छोड़ दी थी।

और ऐसे वक्त पर उन्हें अपने परिवार व अपने गांव के ग्रामीणों का साथ मिला। बताया परिवार में एक बेटा व एक बेटी है दोनों की शादियां हो चुकी है। बताया सरकार से उन्हें पेंशन और राशन मिलता है। जिसके लिए उन्होंने सरकार को धन्यवाद दिया। पर अब सुंदर को जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार का साथ मिल गया जिलाधिकारी के पास सुंदर राम ने अपनी पीड़ा रखी तो जिलाधिकारी मदद को आगे आए और सुंदर को कृत्रिम पैर लगाने के आदेश दिए। सुंदर राम ने बताया कि कृत्रिम पैर लगाने के लिए वह रुद्रपुर गए जहां उनके पैरों की नाप ले ली गई है जल्द उनके कृत्रिम पैर लग जाएंगे ।जिसके लिए वह जिलाधिकारी को धन्यवाद देते हैं। सुंदर राम ने बताया दिव्यांग पेंशन से परिवार का भरण पोषण नहीं हो पाता है और वह काम करना चाहते हैं कहां अगर शासन प्रशासन उनको गांव में ही छोटी सी दुकान खुलवा दे कुछ बकरियां उपलब्ध करा दे तो वह स्वरोजगार करना चाहते हैं। कहा वह किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन से रोजगार में उनकी मदद करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की विपरीत परिस्थितियों में घबराना नहीं चाहिए बल्कि उसका डटकर सामना करना चाहिए।

तो वहीं जिला पंचायत सदस्य अशोक महरा तथा लोगों ने भी सुंदर राम के जज्बे को सलाम करते हुए कहा सुंदर राम उन लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है जो जीवन की कठिनाइयों से हताश होकर गलत कदम उठाते हैं। जिला पंचायत सदस्य अशोक महरा ने कहा सुंदर राम की हर प्रकार से संभव मदद की जाएगी।