: लोहाघाट:गुरिल्लाओ की प्रशासन से वार्ता रही बिफल आंदोलन रहेगा जारी
Laxman Singh Bisht
Sat, Feb 3, 2024
गुरिल्लाओ की प्रशासन से वार्ता रही बिफल आंदोलन रहेगा जारी
लोहाघाट में 29 जनवरी से अपनी नौकरी व पेंशन की मांग को लेकर गांधी पार्क में गुरिल्लाओं का धरना चल रहा है वही 11 फरवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लोहाघाट दौरे को देखते हुए प्रशासन के द्वारा गुरिल्लाओं को वार्ता के लिए बुलाया गया था गुरिल्ला संगठन जिला अध्यक्ष ललित बगौली ने कहा प्रशासन ने उनसे धरना समाप्त करने का आग्रह किया था लेकिन प्रशासन से उनकी वार्ता विफल रही है गुरिल्लाओं का धरना जारी रहेगा उन्होंने कहा सिर्फ प्रदेश इकाई के आदेश पर ही आंदोलन खत्म किया जा सकता है जिला अध्यक्ष बगोली ने कहा फिलहाल 8 फरवरी तक धरना किसी भी हालत में खत्म नहीं किया जाएगा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी लोहाघाट आ रहे हैं उन्हीं के द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा जिलाध्यक्ष ने कहा प्रशासन गुरिल्लाओं को लिखित में दे 11फरवरी को गुरिल्ला संगठन के पांच जिलाध्यक्षों को वार्ता के लिए मुख्यमंत्री से मिलाया जाए तभी गुरिल्लाओं का धरना खत्म हो सकता है अन्यथा धरना जारी रहेगा गुरिल्ला किसी भी कीमत में पीछे नहीं हटेंगे उन्होंने कहा अपनी मांगों को लेकर पिछले सत्रह सालों से गुरिल्ला आंदोलन कर रहे हैं पर सरकारों के द्वारा उनकी सुध नहीं ली गई मालूम हो 29 फरवरी से गुरिल्ला धीरज गांधी जी की प्रतिमा के समीप धरना दे रहे हैं जिनका साथ जिले के सभी महिला व पुरुष गुरिल्ला दे रहे हैं मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए गुरिल्ला प्रशासन के लिए सर दर्द बन गए हैं वहीं गुरिल्लाओं को अब नगर के लोगों का समर्थन भी मिलने लगा है शनिवार को व्यापारी प्रकाश पुनेठा, सतीश शाह ,महेश जोशी, राजू भैया , जितेंद्र शाह ,कमल वर्मा के द्वारा भी गुरिल्लाओ के आंदोलन को समर्थन दिया गया उन्होंने कहा गुरिल्लाओं की मांगे जायज है सरकार ने उनकी मांगों को मानना चाहिए वहीं शनिवार को धरने में लाल सिंह ,हयात सिंह ,शांति देवी, हीरा देवी, ईश्वरी देवी, दुर्गा देवी, दीवान सिंह, भगवत पांडे , सुनीता उप्रेती ,प्रकाश चौधरी धरने पर बैठे मालूम हो प्रदेश में 19 हजार से अधिक एसएसबी प्रशिक्षित गुरिल्ला स्वयंसेवक है जिनमें से 950 से अधिक गुरिल्ला सिर्फ चंपावत जनपद के हैं और वही गुरिल्ला मांगे पूरी न होने पर 2024 लोकसभा चुनाव के बहिष्कार के धमकी भी दे चुके हैं उनका कहना है इस बार लड़ाई सरकार से आर पार की है अब देखना यह है कि प्रशासन किस प्रकार से गुरिल्लाओ को मानता है
लोहाघाट में 29 जनवरी से अपनी नौकरी व पेंशन की मांग को लेकर गांधी पार्क में गुरिल्लाओं का धरना चल रहा है वही 11 फरवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लोहाघाट दौरे को देखते हुए प्रशासन के द्वारा गुरिल्लाओं को वार्ता के लिए बुलाया गया था गुरिल्ला संगठन जिला अध्यक्ष ललित बगौली ने कहा प्रशासन ने उनसे धरना समाप्त करने का आग्रह किया था लेकिन प्रशासन से उनकी वार्ता विफल रही है गुरिल्लाओं का धरना जारी रहेगा उन्होंने कहा सिर्फ प्रदेश इकाई के आदेश पर ही आंदोलन खत्म किया जा सकता है जिला अध्यक्ष बगोली ने कहा फिलहाल 8 फरवरी तक धरना किसी भी हालत में खत्म नहीं किया जाएगा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी लोहाघाट आ रहे हैं उन्हीं के द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा जिलाध्यक्ष ने कहा प्रशासन गुरिल्लाओं को लिखित में दे 11फरवरी को गुरिल्ला संगठन के पांच जिलाध्यक्षों को वार्ता के लिए मुख्यमंत्री से मिलाया जाए तभी गुरिल्लाओं का धरना खत्म हो सकता है अन्यथा धरना जारी रहेगा गुरिल्ला किसी भी कीमत में पीछे नहीं हटेंगे उन्होंने कहा अपनी मांगों को लेकर पिछले सत्रह सालों से गुरिल्ला आंदोलन कर रहे हैं पर सरकारों के द्वारा उनकी सुध नहीं ली गई मालूम हो 29 फरवरी से गुरिल्ला धीरज गांधी जी की प्रतिमा के समीप धरना दे रहे हैं जिनका साथ जिले के सभी महिला व पुरुष गुरिल्ला दे रहे हैं मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए गुरिल्ला प्रशासन के लिए सर दर्द बन गए हैं वहीं गुरिल्लाओं को अब नगर के लोगों का समर्थन भी मिलने लगा है शनिवार को व्यापारी प्रकाश पुनेठा, सतीश शाह ,महेश जोशी, राजू भैया , जितेंद्र शाह ,कमल वर्मा के द्वारा भी गुरिल्लाओ के आंदोलन को समर्थन दिया गया उन्होंने कहा गुरिल्लाओं की मांगे जायज है सरकार ने उनकी मांगों को मानना चाहिए वहीं शनिवार को धरने में लाल सिंह ,हयात सिंह ,शांति देवी, हीरा देवी, ईश्वरी देवी, दुर्गा देवी, दीवान सिंह, भगवत पांडे , सुनीता उप्रेती ,प्रकाश चौधरी धरने पर बैठे मालूम हो प्रदेश में 19 हजार से अधिक एसएसबी प्रशिक्षित गुरिल्ला स्वयंसेवक है जिनमें से 950 से अधिक गुरिल्ला सिर्फ चंपावत जनपद के हैं और वही गुरिल्ला मांगे पूरी न होने पर 2024 लोकसभा चुनाव के बहिष्कार के धमकी भी दे चुके हैं उनका कहना है इस बार लड़ाई सरकार से आर पार की है अब देखना यह है कि प्रशासन किस प्रकार से गुरिल्लाओ को मानता है