: लोहाघाट:बारिश रुकने के बाद फिर पटरी पर लौटा जनजीवन स्कूलों में लौटी रौनक
Laxman Singh Bisht
Tue, Jul 9, 2024बारिश रुकने के बाद फिर पटरी पर लौटा जनजीवन स्कूलों में लौटी रौनक
चंपावत जिले में 6 दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश रुकने के बाद आखिर मंगलवार को एक बार पूरी तरह अस्त-ब्यस्थ पड़ा जनजीवन फिर से पटरी पर लौट आया है मंगलवार को एक बार फिर से लोहाघाट में बाजारों की रौनक लोटी लोग घरों से बाहर निकले मनुष्य के साथ-साथ पशु पक्षी भी बारिश बंद होने के बाद हुए सुहाने मौसम का आनंद लेते हुए नजर आए एक बार फिर से सड़कों में वाहन दौड़ते नजर हुए आए तथा क्षेत्र के सभी स्कूल एक बार फिर से खुल गए बच्चे सुबह-सुबह बैग लेकर कई दिनों बाद फिर से स्कूल पहुंचे मालूम हो मूसलाधार बारिश ने जन जीवन को पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया था लोग घरों में कैद हो गए थे
अभी भी कई सड़के बंद पड़ी है रास्ते टूटे हैं वही तराई क्षेत्र में जनजीवन के पटरी में आने में लगभग एक हफ्ते का समय लग सकता है फिलहाल पर्वतीय क्षेत्र में जनजीवन सामान्य हो गया है पर्वतीय क्षेत्र के ग्रामीण फिलहाल अपने खेत खलियानों का मुआयना करने में जुटे हुए हैं लोगों का कहना है ऐसी बारिश बरसों के बाद देखी गई वही प्रशासनिक मशीनरी भी नुकसान का जायजा करने में जुटी हुई है

चंपावत जिले में 6 दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश रुकने के बाद आखिर मंगलवार को एक बार पूरी तरह अस्त-ब्यस्थ पड़ा जनजीवन फिर से पटरी पर लौट आया है मंगलवार को एक बार फिर से लोहाघाट में बाजारों की रौनक लोटी लोग घरों से बाहर निकले मनुष्य के साथ-साथ पशु पक्षी भी बारिश बंद होने के बाद हुए सुहाने मौसम का आनंद लेते हुए नजर आए एक बार फिर से सड़कों में वाहन दौड़ते नजर हुए आए तथा क्षेत्र के सभी स्कूल एक बार फिर से खुल गए बच्चे सुबह-सुबह बैग लेकर कई दिनों बाद फिर से स्कूल पहुंचे मालूम हो मूसलाधार बारिश ने जन जीवन को पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया था लोग घरों में कैद हो गए थे
अभी भी कई सड़के बंद पड़ी है रास्ते टूटे हैं वही तराई क्षेत्र में जनजीवन के पटरी में आने में लगभग एक हफ्ते का समय लग सकता है फिलहाल पर्वतीय क्षेत्र में जनजीवन सामान्य हो गया है पर्वतीय क्षेत्र के ग्रामीण फिलहाल अपने खेत खलियानों का मुआयना करने में जुटे हुए हैं लोगों का कहना है ऐसी बारिश बरसों के बाद देखी गई वही प्रशासनिक मशीनरी भी नुकसान का जायजा करने में जुटी हुई है
