: लोहाघाट:बाल कवियों को किया गया सम्मानित
Laxman Singh Bisht
Sun, Jun 9, 2024बाल कवियों को किया गया सम्मानित
राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल के जन्मोत्सव को अमृत महोत्सव के रूप में मनाया गया राष्ट्रीय कवि संगम के जिला महामंत्री भूपेन्द्र सिंह देव ताऊजी के संयोजकत्व, प्रधानाचार्य मोहन चंद्र जोशी जी के दिशा निर्देशन में बाल काव्य पाठ का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर पाटन किया गया।मुख्य अतिथि डॉक्टर सुमन पांडे भूगोल प्रवक्ता राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोहाघाट, ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया हरीश अधिकारी पूर्व जेष्ठ प्रमुख बाराकोट की अध्यक्षता तथा आचार्य जीवन चंद्र तिवारी के संचालन व गौरव बंसल के सहयोग से मां सरस्वती के चित्र में माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ
इस अवसर पर संयोजक भूपेन्द्र सिंह देव ताऊजी ने डॉ जगदीश मित्तल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डॉक्टर जगदीश मित्तल आजीवन साहित्य की सेवा के लिए कुंवारे रहे और देश-विदेश में राष्ट्रकवि संगम को एक अलग पहचान दिलाई है। वहीं मुख्य अतिथि डा सुमन पांडेय ने छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ाने के लिए एक से बढ़कर एक सुझाव दिए तथा अंत में अध्यक्ष हरीश अधिकारी तथा मुख्य अतिथि डॉक्टर सुमन पांडेय व अभिभावकों द्वारा बाल कवियों को मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में 21 बाल कवियों द्वारा एक से बढ़कर एक शानदार लाजवाब प्रस्तुति दी उपस्थित सम्मानित अभिभावकों द्वारा बाल कवियों को प्रोत्साहित किया गया।
राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल के जन्मोत्सव को अमृत महोत्सव के रूप में मनाया गया राष्ट्रीय कवि संगम के जिला महामंत्री भूपेन्द्र सिंह देव ताऊजी के संयोजकत्व, प्रधानाचार्य मोहन चंद्र जोशी जी के दिशा निर्देशन में बाल काव्य पाठ का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर पाटन किया गया।मुख्य अतिथि डॉक्टर सुमन पांडे भूगोल प्रवक्ता राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोहाघाट, ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया हरीश अधिकारी पूर्व जेष्ठ प्रमुख बाराकोट की अध्यक्षता तथा आचार्य जीवन चंद्र तिवारी के संचालन व गौरव बंसल के सहयोग से मां सरस्वती के चित्र में माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ
इस अवसर पर संयोजक भूपेन्द्र सिंह देव ताऊजी ने डॉ जगदीश मित्तल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डॉक्टर जगदीश मित्तल आजीवन साहित्य की सेवा के लिए कुंवारे रहे और देश-विदेश में राष्ट्रकवि संगम को एक अलग पहचान दिलाई है। वहीं मुख्य अतिथि डा सुमन पांडेय ने छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ाने के लिए एक से बढ़कर एक सुझाव दिए तथा अंत में अध्यक्ष हरीश अधिकारी तथा मुख्य अतिथि डॉक्टर सुमन पांडेय व अभिभावकों द्वारा बाल कवियों को मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में 21 बाल कवियों द्वारा एक से बढ़कर एक शानदार लाजवाब प्रस्तुति दी उपस्थित सम्मानित अभिभावकों द्वारा बाल कवियों को प्रोत्साहित किया गया।