: पाटी:ठाकुर सतीश सिंह लडवाल हुए सेवानिवृत्त
Laxman Singh Bisht
Mon, Dec 23, 2024
ठाकुर सतीश सिंह लडवाल हुए सेवानिवृत्त
चम्पावत - जिले के राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाटी के स्टाफ और छात्राओं ने विद्यालय के अनुसेवक ठाकुर सतीश सिंह लडवाल की सेवानिवृत्ति पर विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया । इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने सेवा पूर्ण होने पर उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनके सुखमय जीवन की कामना की । इस अवसर पर विद्यालय में मिष्ठान वितरण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया । श्री लडवाल की सेवानिवृत्त होने पर विद्यालय में आयोजित ये विदाई कार्यक्रम सभी लोगों के लिए भावुक क्षण था ।
■ सत्य की राह पर चलने की सीख दे गए श्री लडवाल - अपनी सेवानिवृत्ति के कार्यक्रम में अनुसेवक ठाकुर सतीश सिंह लडवाल ने अपने स्टाफ़ को संबोधन करते हुए कहा कि , हमारे पास घरों में अक्सर 1 - 2 बच्चे होते हैं । लेकिन विद्यालय में हमारे पास दर्जनों बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने का अवसर है । अगर विद्यालय के बच्चों पर सच्ची लगन से परिश्रम किया जाएगा तो , वो दिन दूर नहीं जब ये बच्चे भारत के नवनिर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे । श्री लडवाल ने हमेशा सत्य की कठिन राह न छोड़ने की बात कही और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने की सीख दे गए ।
■पर्यावरण बचाने और नशा हटाने की बात कही - पर्यावरण प्रेमी श्री लडवाल बरसों से पेड़ लगाकर पेड़ों के महत्व के बारे में जनजागरूकता का संचार कर रहे हैं । उसके साथ - साथ उत्तराखंड में बढ़ते नशे पर चिंता व्यक्त करते हुए समय - समय पर इसके खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं । उन्होंने सेवानिवृत्ति कार्यक्रम में कहा , रिटायरमेंट के बाद पेड़ बचाने और नशा हटाने के लिए कार्य करेंगे ।
■ मेरे पिता मेरे रोल मॉडल हैं - सूरज लडवाल
सेवानिवृत्ति के कार्यक्रम में उपस्थित ठाकुर सतीश सिंह लडवाल के पुत्र उत्तराखंड हिंदी समाचार के संपादक सूरज लडवाल ने कहा - मेरे पिता मेरे रोल मॉडल हैं । अगर उनकी कही गई बातों को मैं 10 प्रतिशत भी अपने जीवन में उतार पाऊं तो समझ लूंगा कि मेरा जीवन सफल हो गया । कार्यक्रम में पत्रकार सूरज लडवाल ने कहा - मात्र 16 वर्ष की उम्र से पिताजी ने परिवार की जिम्मेदारियों को उठा लिया था , जिसे सुनकर आज मैं सहम जाता हूँ । हमेशा उनकी बातों का अनुसरण करना मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी । इस कार्यक्रम में विद्यालय परिवार , सनातन जागरण सेना के संस्थापक दीपक सिंह बिष्ट ( परिवर्तन ) , पर्वतारोही नरेश कठायत , भावेश बिष्ट और तमाम अतिथि उपस्थित रहे ।
चम्पावत - जिले के राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाटी के स्टाफ और छात्राओं ने विद्यालय के अनुसेवक ठाकुर सतीश सिंह लडवाल की सेवानिवृत्ति पर विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया । इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने सेवा पूर्ण होने पर उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनके सुखमय जीवन की कामना की । इस अवसर पर विद्यालय में मिष्ठान वितरण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया । श्री लडवाल की सेवानिवृत्त होने पर विद्यालय में आयोजित ये विदाई कार्यक्रम सभी लोगों के लिए भावुक क्षण था ।
■ सत्य की राह पर चलने की सीख दे गए श्री लडवाल - अपनी सेवानिवृत्ति के कार्यक्रम में अनुसेवक ठाकुर सतीश सिंह लडवाल ने अपने स्टाफ़ को संबोधन करते हुए कहा कि , हमारे पास घरों में अक्सर 1 - 2 बच्चे होते हैं । लेकिन विद्यालय में हमारे पास दर्जनों बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने का अवसर है । अगर विद्यालय के बच्चों पर सच्ची लगन से परिश्रम किया जाएगा तो , वो दिन दूर नहीं जब ये बच्चे भारत के नवनिर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे । श्री लडवाल ने हमेशा सत्य की कठिन राह न छोड़ने की बात कही और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने की सीख दे गए ।
■पर्यावरण बचाने और नशा हटाने की बात कही - पर्यावरण प्रेमी श्री लडवाल बरसों से पेड़ लगाकर पेड़ों के महत्व के बारे में जनजागरूकता का संचार कर रहे हैं । उसके साथ - साथ उत्तराखंड में बढ़ते नशे पर चिंता व्यक्त करते हुए समय - समय पर इसके खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं । उन्होंने सेवानिवृत्ति कार्यक्रम में कहा , रिटायरमेंट के बाद पेड़ बचाने और नशा हटाने के लिए कार्य करेंगे ।
■ मेरे पिता मेरे रोल मॉडल हैं - सूरज लडवाल
सेवानिवृत्ति के कार्यक्रम में उपस्थित ठाकुर सतीश सिंह लडवाल के पुत्र उत्तराखंड हिंदी समाचार के संपादक सूरज लडवाल ने कहा - मेरे पिता मेरे रोल मॉडल हैं । अगर उनकी कही गई बातों को मैं 10 प्रतिशत भी अपने जीवन में उतार पाऊं तो समझ लूंगा कि मेरा जीवन सफल हो गया । कार्यक्रम में पत्रकार सूरज लडवाल ने कहा - मात्र 16 वर्ष की उम्र से पिताजी ने परिवार की जिम्मेदारियों को उठा लिया था , जिसे सुनकर आज मैं सहम जाता हूँ । हमेशा उनकी बातों का अनुसरण करना मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी । इस कार्यक्रम में विद्यालय परिवार , सनातन जागरण सेना के संस्थापक दीपक सिंह बिष्ट ( परिवर्तन ) , पर्वतारोही नरेश कठायत , भावेश बिष्ट और तमाम अतिथि उपस्थित रहे ।