: चंपावत: शासन ने खेल महाकुंभ से बाहर किए अंडर 21 आयु वर्ग के खिलाड़ी, खिलाड़ियों में मायूसी खिलाड़ियों ने सरकार से उन्हें भी खेल महाकुंभ में शामिल करने की करी मांग
Laxman Singh Bisht
Sun, Nov 12, 2023खेल महाकुंभ से बाहर किए 21 आयु वर्ग के खिलाड़ी खिलाड़ियों में मायूसी
जहां प्रदेश सरकार अगले वर्ष 38 वे राष्ट्रीय खेलों को उत्तराखंड में कराने जा रही है जिसकी तैयारियो को लेकर प्रदेश के सभी खिलाड़ी अभी से जुटे हुए हैं और सरकार भी उत्तराखंड के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेलों में मेडल लाने के लिए प्रेरित कर रही है तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश में युवा कल्याण विभाग के सौजन्य से चल रही खेल महाकुंभ जैसी महत्वपूर्ण खेल प्रतियोगिता में इस बार शासन ने 21 आयु वर्ग जैसे खिलाड़ियों के महत्वपूर्ण वर्ग को ही बाहर कर दिया जिस कारण पूरे प्रदेश में इस आयु वर्ग के विभिन्न खेलों के सैकड़ो खिलाड़ियों में काफी मायूसी है जबकि अंडर 21 आयु वर्ग को खेलों की सबसे महत्वपूर्ण कैटेगिरी माना जाता है
38वें राष्ट्रीय खेलों में भी सबसे ज्यादा इसी आयु वर्ग के खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे पर शासन ने 21 आयु वर्ग जैसी महत्वपूर्ण खेल कैटेगिरी को खेलमहाकुंभ से ही बाहर कर दिया है वही चंपावत जिले में खेलों की तैयारी कर रहे 21 आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने कहा खेल महाकुंभ प्रतियोगिता के लिए काफी तैयारी कर रहे थे पर
उनके आयु वर्ग को खेल महाकुंभ से ही बाहर कर दिया है जिस कारण उन लोगों में काफी मायूसी है उन्होंने सरकार से 21 आयु वर्ग को भी खेल महाकुंभ में शामिल करने की मांग करी है
मालूम हो हर वर्ष युवा कल्याण विभाग खेल महाकुंभ प्रतियोगिता का आयोजन करता है जिसमें पूरे प्रदेश के खिलाड़ी अपना दमखम दिखाते हैं वहीं लोहाघाट के युवा कल्याण विभाग के क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी जसवंत सिंह खरायत ने बताया इस बार शासन से सिर्फ अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्ग की खेल प्रतियोगिता कराने के निर्देश मिले हैं
अंडर 21 आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए फिलहाल कोई आदेश नहीं आए हैं जिस कारण इस आयु वर्ग के खिलाड़ी खेल महाकुंभ में प्रतिभाग नहीं कर पा रहे हैं उन्होंने बताया पिछले वर्ष तक इस आयु वर्ग के खिलाड़ियों की भी प्रतियोगिता होती थी मालूम हो अब 38वें राष्ट्रीय खेलों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है पर शासन के द्वारा खेल महाकुंभ जैसी महत्वपूर्ण खेल स्पर्धा से 21 आयु वर्ग जैसी महत्वपूर्ण कैटेगिरी हटा दी गई है जिस कारण प्रतियोगिता की तैयारियो में जुटे हुए इस आयु वर्ग के खिलाड़ियों में काफी मायूसी है और प्रदेश सरकार राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों से मेडल लाने की आशा कर रही है
जबकि खेल महाकुंभ में प्रदेश के खिलाड़ियों को अपना दमखम दिखाने व राष्ट्रीय खेलों के लिए अपने को परखने का शानदार मौका मिलता तथा प्रदेश के दूरस्थ गांव से भी खेल प्रतिभाएं उभर कर सामने आती हालांकि सरकार ने मुख्यमंत्री उदयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना में अंडर 21 आयु वर्ग के खिलाड़ियों को शामिल किया था पर युवा कल्याण मंत्रालय के द्वारा यह फैसला क्यों लिया गया
यह समझ से परे है इस फैसले में 21 आयु वर्ग के खिलाड़ियों का क्या हित छुपा है यह तो शासन ही जाने जबकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा देश के गांव गांव से खेल प्रतिभाओं को उभारने के निर्देश सभी सरकारों को दिए गए हैं और खेल महाकुंभ इसका एक मजबूत जरिया है जबकि 38 वे राष्ट्रीय खेलों की उत्तराखंड मेजबानी करने जा रहा है

जहां प्रदेश सरकार अगले वर्ष 38 वे राष्ट्रीय खेलों को उत्तराखंड में कराने जा रही है जिसकी तैयारियो को लेकर प्रदेश के सभी खिलाड़ी अभी से जुटे हुए हैं और सरकार भी उत्तराखंड के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेलों में मेडल लाने के लिए प्रेरित कर रही है तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश में युवा कल्याण विभाग के सौजन्य से चल रही खेल महाकुंभ जैसी महत्वपूर्ण खेल प्रतियोगिता में इस बार शासन ने 21 आयु वर्ग जैसे खिलाड़ियों के महत्वपूर्ण वर्ग को ही बाहर कर दिया जिस कारण पूरे प्रदेश में इस आयु वर्ग के विभिन्न खेलों के सैकड़ो खिलाड़ियों में काफी मायूसी है जबकि अंडर 21 आयु वर्ग को खेलों की सबसे महत्वपूर्ण कैटेगिरी माना जाता है
38वें राष्ट्रीय खेलों में भी सबसे ज्यादा इसी आयु वर्ग के खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे पर शासन ने 21 आयु वर्ग जैसी महत्वपूर्ण खेल कैटेगिरी को खेलमहाकुंभ से ही बाहर कर दिया है वही चंपावत जिले में खेलों की तैयारी कर रहे 21 आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने कहा खेल महाकुंभ प्रतियोगिता के लिए काफी तैयारी कर रहे थे पर
उनके आयु वर्ग को खेल महाकुंभ से ही बाहर कर दिया है जिस कारण उन लोगों में काफी मायूसी है उन्होंने सरकार से 21 आयु वर्ग को भी खेल महाकुंभ में शामिल करने की मांग करी है
मालूम हो हर वर्ष युवा कल्याण विभाग खेल महाकुंभ प्रतियोगिता का आयोजन करता है जिसमें पूरे प्रदेश के खिलाड़ी अपना दमखम दिखाते हैं वहीं लोहाघाट के युवा कल्याण विभाग के क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी जसवंत सिंह खरायत ने बताया इस बार शासन से सिर्फ अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्ग की खेल प्रतियोगिता कराने के निर्देश मिले हैं
अंडर 21 आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए फिलहाल कोई आदेश नहीं आए हैं जिस कारण इस आयु वर्ग के खिलाड़ी खेल महाकुंभ में प्रतिभाग नहीं कर पा रहे हैं उन्होंने बताया पिछले वर्ष तक इस आयु वर्ग के खिलाड़ियों की भी प्रतियोगिता होती थी मालूम हो अब 38वें राष्ट्रीय खेलों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है पर शासन के द्वारा खेल महाकुंभ जैसी महत्वपूर्ण खेल स्पर्धा से 21 आयु वर्ग जैसी महत्वपूर्ण कैटेगिरी हटा दी गई है जिस कारण प्रतियोगिता की तैयारियो में जुटे हुए इस आयु वर्ग के खिलाड़ियों में काफी मायूसी है और प्रदेश सरकार राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों से मेडल लाने की आशा कर रही है
जबकि खेल महाकुंभ में प्रदेश के खिलाड़ियों को अपना दमखम दिखाने व राष्ट्रीय खेलों के लिए अपने को परखने का शानदार मौका मिलता तथा प्रदेश के दूरस्थ गांव से भी खेल प्रतिभाएं उभर कर सामने आती हालांकि सरकार ने मुख्यमंत्री उदयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना में अंडर 21 आयु वर्ग के खिलाड़ियों को शामिल किया था पर युवा कल्याण मंत्रालय के द्वारा यह फैसला क्यों लिया गया
यह समझ से परे है इस फैसले में 21 आयु वर्ग के खिलाड़ियों का क्या हित छुपा है यह तो शासन ही जाने जबकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा देश के गांव गांव से खेल प्रतिभाओं को उभारने के निर्देश सभी सरकारों को दिए गए हैं और खेल महाकुंभ इसका एक मजबूत जरिया है जबकि 38 वे राष्ट्रीय खेलों की उत्तराखंड मेजबानी करने जा रहा है
