: चमोली : सीमान्त ऐतिहासिक गाँव द्रोणागिरी में बर्फीले तूफान ने मचाई तबाही कई ग्रामीणों के घरों को पहुंचा भारी नुकसान
Laxman Singh Bisht
Tue, Apr 23, 2024
चमोली जिले के सीमान्त ऐतिहासिक गाँव द्रोणागिरी में बर्फीले तूफान ने मचाई तबाही कई ग्रामीणों के घरों को पहुंचा भारी नुकसान
मोसमी प्रवास के तहत अक्टूबर से अप्रेल माह तक शीतकाल मे द्रोणागिरि के निवासी निचले घाटी के मैठाणा गांव में निवासरत रहते हैं।इस दौरान द्रोणागिरि गांव में भारी हिमपात होता हैं।द्रोणागिरि गाँव जनपद चमोली का सबसे दुर्गम एवं समुद्र तट से 13000 फ़ीट की ऊँचाई में स्थित गाँव हैं।
गाँव के लोग शीत काल प्रवास के बाद द्रोणगिरि गांव पहुंचे तो बर्फीले तूफान के कारण द्रोणागिरि पर्वत देवता के मुख्य पुजारी दीवान सिंह रावत का दोमंजिला पुस्तैनी घर एवं गांव के सिद्धनाथ मंदिर क्षतिग्रस्त हुये है।घर का सामान,अनाज,एवं सभी मलबे के कारण नष्ट हो गए हैं। बर्फीले तूफान ने अन्य ग्रामीणों के भवनो को भी काफी नुकसान पहुंचाया है
मोसमी प्रवास के तहत अक्टूबर से अप्रेल माह तक शीतकाल मे द्रोणागिरि के निवासी निचले घाटी के मैठाणा गांव में निवासरत रहते हैं।इस दौरान द्रोणागिरि गांव में भारी हिमपात होता हैं।द्रोणागिरि गाँव जनपद चमोली का सबसे दुर्गम एवं समुद्र तट से 13000 फ़ीट की ऊँचाई में स्थित गाँव हैं।
गाँव के लोग शीत काल प्रवास के बाद द्रोणगिरि गांव पहुंचे तो बर्फीले तूफान के कारण द्रोणागिरि पर्वत देवता के मुख्य पुजारी दीवान सिंह रावत का दोमंजिला पुस्तैनी घर एवं गांव के सिद्धनाथ मंदिर क्षतिग्रस्त हुये है।घर का सामान,अनाज,एवं सभी मलबे के कारण नष्ट हो गए हैं। बर्फीले तूफान ने अन्य ग्रामीणों के भवनो को भी काफी नुकसान पहुंचाया है