रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट : टनकपुर:सहकारिता मेले में संस्कृति की चमक और जैविक उत्पादों की धूम
Laxman Singh Bisht
Sat, Nov 15, 2025
सहकारिता मेले में संस्कृति की चमक और जैविक उत्पादों की धूम
दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा रंगारंग कार्यक्रमों ने।
कलाकारों ने प्रस्तुत की भारत की समृद्ध सांस्कृतिक झलक • स्थानीय जैविक उत्पादों के स्टॉल पर उमड़ा खरीददारों का सैलाब • बागवानी और मधुमक्खी पालन पर उद्यान विभाग ने दी प्रेरक जानकारी।
टनकपुर। गांधी मैदान में आयोजित सहकारिता मेला उत्साह और उमंग के बीच लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है। विभिन्न प्रदेशों से पहुंचे कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों को देर रात तक मंत्रमुग्ध रखा। सहकारिता के संयुक्त निबंधक मंगला प्रसाद त्रिपाठी ने पारंपरिक दीप जलाकर सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर और लोकजीवन को करीब से जानने का अवसर मिलता है। त्रिपाठी ने सभी कलाकारों का गर्मजोशी से स्वागत भी किया। मेले में विभिन्न विद्यालयों की बालिकाओं द्वारा आकर्षक रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। सहकारी बैंक की शाखा प्रबंधक पूर्णिमा राज ,पुष्पा यादव, ममता नेगी और कमला बोहरा के संयोजन में आयोजित प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में बच्चों ने प्रतिभाग किया। निर्णायक मंडल में रुचि पांडे, देवीदत्त जोशी, नीरज पंत और दीपक कोहली शामिल रहे।मेले में हर्बल एवं स्थानीय उत्पादों वाले ग्रामोत्थान ,आजीविका मिशन के स्टॉल पर जैविक उत्पादों और लोकल गुणकारी वस्तुओं की जमकर खरीदारी हो रही है। यहां पारंपरिक दालों, मसालों, जैविक शहद और घरेलू उत्पादों की मांग सबसे अधिक दिखी। महिलाओं द्वारा निर्मित स्थानीय हस्तशिल्प भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। उद्यान विभाग की ओर से आयोजित गोष्ठी में किसानों को बागवानी, एवं बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन के लिए प्रेरित किया गया। एडीवो उद्यान आशीष रंजन खर्कवाल ने कहा कि चंपावत के काश्तकार बेमौसमी सब्जियों और स्थानीय फल-सब्जियों की खेती से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग किसानों को अनुदान और तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है। उन्होंने पॉलीहाउस खेती और मधुमक्खी पालन को कृषि विकास का मजबूत आधार बताते हुए कहा कि जहां मधुमक्खी पालन होता है, वहां परागण के कारण फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में 30–35 प्रतिशत तक वृद्धि स्वाभाविक है। कार्यक्रम का संचालन भययु बोहरा द्वारा किया गया। सहायक निबंधक प्रेम प्रकाश एवं उनके साथ सुभाष गहतोड़ी मेले के संयोजन में लगातार सहयोग कर रहे हैं।