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रिपोर्ट: साहबराम : New Expressway: इन 131 गांवों की बदल जाएगी किस्मत, इस एक्सप्रेसवे से आएगा जमीनों के रेट में उछाल

Editor

Mon, Sep 22, 2025

New Expressway: उतरप्रदेश वासियों के लिए बड़ी खुशखबी आई है। गोरखपुर-शामली–पानीपत एक्सप्रेसवे का रूट अब बिजनौर जिले से होकर तय किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, NHAI ने यहां DPR तैयार करने का काम तेज कर दिया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह एक्सप्रेसवे जिले के करीब 131 गांवों को छूते हुए गुजरेगा। इसी वजह से प्रशासन ने इन गांवों के land revenue map मंगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, यह एक्सप्रेसवे बिजनौर जिले में बालावाली इलाके से एंट्री करेगा और स्योहारा से आगे निकल जाएगा। रास्ते में कई जगह पुल, ओवरब्रिज और फ्लाईओवर बनाने की योजना है, ताकि यातायात सुगम बना रहे। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल दो से ज्यादा वैकल्पिक रूट (एलाइमेंट) पर विचार किया जा रहा है। अंतिम फैसला ट्रैफिक दबाव, जनसंख्या घनत्व और भविष्य के औद्योगिक विकास को देखते हुए लिया जाएगा।

जोड़ा गया था प्रस्ताव में

मिली जानकारी के अनुसार, कुछ साल पहले चांदपुर बायपास से होकर एक्सप्रेसवे निकालने का सुझाव भी सामने आया था। उस समय के जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल ने शासन को प्रस्ताव भेजा था कि चांदपुर क्षेत्र को इंडस्ट्रियल हब के तौर पर विकसित किया जाए, ताकि एक्सप्रेसवे का लाभ सीधे स्थानीय उद्योग और रोजगार तक पहुंचे। हालांकि अब नए रूट में बालावाली से स्योहारा-जसपुर मार्ग तक का खाका तैयार किया जा रहा है।

मजबूत होगी कनेक्टिविटी

जानकारी के मुताबिक, एक्सप्रेसवे बनने के बाद बिजनौर से गोरखपुर, शामली और पानीपत जैसे बड़े शहरों तक सफर आसान और तेज हो जाएगा। इससे न सिर्फ़ कृषि उत्पादों को नए बाजार मिलेंगे बल्कि छोटे व्यापारियों को भी बड़े शहरों तक सीधी पहुंच का फायदा होगा। हालांकि, एक्सप्रेसवे 131 गांवों से होकर गुजरेगा, जिससे जमीन अधिग्रहण और पुनर्वास जैसी चुनौतियां भी सामने आएंगी। प्रशासन ने इन हालात से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है।

राय भी होगी अहम

मिली जानकारी के अनुसार, NHAI अधिकारियों के मुताबिक, एलाइमेंट सर्वेक्षण पूरी सावधानी से किया जा रहा है। आने वाले समय में DPR सरकार को सौंप दी जाएगी। इसके बाद भूमि अधिग्रहण का काम शुरू होगा। इस प्रक्रिया में ग्रामीणों और किसानों की राय भी ली जाएगी ताकि विकास कार्यों के साथ-साथ लोगों के हित सुरक्षित रहें।

यह प्रोजेक्ट

जानकारी के मुताबिक, ये प्रोजेक्ट इस की तस्वीर बदलने वाला साबित हो सकता है। यह न सिर्फ़ तेज रफ्तार कनेक्टिविटी देगा बल्कि उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस परियोजना से बिजनौर सिर्फ़ एक गुजरने वाला जिला नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह औद्योगिक नक्शे पर एक मजबूत पहचान बना सकता है।

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