: लोहाघाट : लंपी वायरस से दुधारू गाय की हुई मौत
चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र में पशुओं में फैले लंपी रोग से पशुओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में 116 दुधारु गायों की मौत हो चुकी है। जबकि कई गायें मरणासन्न स्थिति में हैं। पशुपालन विभाग स्थिति पर नियंत्रण पाने में जुटा हुआ है। इसके बावजूद दुधारू पशुओं की मौत के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिस कारण क्षेत्र के पशुपालकों को काफी ज्यादा आर्थिक नुकसान पहुंच चुका है गुरुवार को नगर से लगी ग्राम सभा फोर्ती में मोहन चंद्र बगौली की उन्नत नस्ल की एक दुधारू गाय की लंपी से मौत हो गई है। गाय की कीमत लगभग 35 हज़ार रूपए थी
गांव में अब तक कुल 11 दुधारू गायों की मौत हो चुकी है जबकि कई गायें अभी भी बीमार हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शेखर पुनेठा, योगेश बगौली,शंकर बगौली, कैलाश उपाध्याय, महेश पुनेठा, नारायण दत्त,शेखर उपाध्याय ने सरकार और जिला प्रशासन से पीड़ित पशुपालकों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। लोहाघाट क्षेत्र में लंपी रोग से रायनगर चौडी में 15,बाराकोट 22,गुमदेश में 56,सुई में 12 दुधारू पशुओं की मौत हो चुकी की है।पशु चिकित्सक डॉ. डीके चंद बताया कि लंपी रोग को लेकर पशु पालकों को जागरूक करते हुए टीका करण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि स्वदेशी गायों में इस रोग का असर कम है जबकि उन्नत नस्ल की गायों में रोग का असर काफी है। इससे पशुओं के ठीक होने में बहुत समय लग रहा है। विभाग रोग पर काबू पाने में जुटा हुआ है कुल मिलाकर लंपी ने क्षेत्र के पशुपालकों की कमर तोड़ दी है पर सरकार के द्वारा अभी तक पशुपालकों को मुआवजा नहीं दिया गया है