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: चंपावत:धान की रोपाई मैं पड़ा लंपी वायरस का असर एक महीना देरी से शुरू हुई सीमावर्ती क्षेत्रों में धान की रोपाई

Laxman Singh Bisht

Sat, Jul 8, 2023
धान की रोपाई मैं पड़ा लंपी वायरस का असर एक महीना देरी से शुरू हुई सीमावर्ती क्षेत्रों में धान की रोपाई चंपावत जिले में पशुओं में फैले लंपी वायरस का असर सीमांत क्षेत्र में होने वाली धान की रोपाई में भी पड़ रहा है लंपी वायरस के चलते धान की रोपाई भी लगभग एक महीना देरी से शुरू हुई लोहाघाट ब्लॉक के नेपाल सीमा से लगे सुल्ला गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि त्रिलोक सिंह ने बताया कि सीमावर्ती गांवो में फैले लंपी वायरस के कारण इस बार धान की रोपाई लगभग एक महीना देरी से हो रही है उन्होंने बताया लंपी वायरस के कारण क्षेत्र के कई ग्रामीणों के बैलों की मौत हो गई थी तो कई बेल बीमार पड़े हुए थे जिस कारण इस बार धान की रोपाई देरी से शुरू हो पाई है त्रिलोक सिंह ने मुख्यमंत्री व प्रशासन से क्षेत्र के किसानों को उनके जानवरों की मौत का मुआवजा देने की मांग करी है ताकि किसान फिर से बैल खरीद कर खेती को सुचारू रूप से कर सकें उन्होंने कहा जानवरो की मौत से किसानों को काफी आर्थिक नुकसान पहुंचा है वहीं क्षेत्र में बारिश होने से धान की रोपाई ने अब जोर पकड़ लिया ग्रामीण महिलाएं व पुरुष एक दूसरे का सहयोग करते हुए धान की रोपाई में जुट गए हैं मालूम हो सीमावर्ती सुल्ला पासम आदि क्षेत्र लाल धान की खेती के लिए काफी प्रसिद्ध है बिना किसी सरकारी मदद के किसानों के द्वारा खेती कर अन्य ग्रामीणों को खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है
  आजकल पर्वतीय क्षेत्र के अधिकांश गांव में अधिकतर किसान खेती करना छोड़ शहर की ओर पलायन कर चुके है जिस कारण गांव में खेत के खेत बंजर पड़े हुए हैं लेकिन सुल्ला के यह किसान अन्य लोगों को आइना दिखा रहे हैं प्रशासन के द्वारा भी सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों को योजनाओं का लाभ देते हुए उनकी मदद करनी चाहिए ताकि किसान दोगुने जोश के साथ सुचारू रूप से अपनी पारंपरिक खेती बाड़ी कर सकें

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