रिपोर्ट :जगदीश जोशी : बाराकोट:10 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा कार्य कृतियों ने चिकित्सा अधीक्षक को दिया ज्ञापन
Laxman Singh Bisht
Fri, Jan 9, 2026
.10 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा कार्य कृतियों ने चिकित्सा अधीक्षक को दिया ज्ञापन
चंपावत जिले के विकास खण्ड बाराकोट में, उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर यूनियन द्वारा प्राथमिक चिकित्सालय बाराकोट में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मंजीत सिंह को आज शुक्रवार को अपनी 10 सूत्रीय मांगों के संदर्भ में ज्ञापन प्रेषित किया। उत्तर प्रदेश में 15 दिसंबर से आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनियों की जारी हड़ताल को संज्ञान में लेते हुए अति शीघ्र वार्ता कर मांगे पूरी करने के की मांग की।आशाओ ने कहा वह बहुत मेहनत ,लगन और कठिनाइयों का सामना करते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रही है उनके परिश्रम के दम पर ही प्रदेश की जन स्वास्थ्य प्रणाली तथा जच्चा और बच्चो के स्वास्थ्य में सुधार आया है। आशाओं ने कहा संज्ञान में लाना चाहते हैं कि लगातार कड़ी मेहनत से अपना काम करने के बावजूद न तो उनके पारिश्रमिक का नियमित भुगतान किया जाता है और ना ही उनके पारिश्रमिक में कोई बढ़ोतरी हुई है। उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की आशा और संगिनी वर्षों से केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा दिए गए कई कार्यो के लिए घोषित प्रोत्साहन राशि से भी वंचित है।
इस प्रकार वे सरकारों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की वादा खिलाफी की शिकार रही है। जिससे विवश होकर आशा कर्मियों को हड़ताल पर जाना पड़ा है। कहा हम उत्तर प्रदेश आशा कर्मियों और आशा संगीनियों के समर्थन में मांग करते हैं कि आशा एवं आशा संगिनी को 45 वे भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश के अनुरूप सरकार स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी का दर्जा दे।आशा एवं आशा संगिनी को सरकारी कर्मचारियों के रूप में मानदेय दिया जाए आशा कर्मियों के लिए ₹21000 तथा आशा संगिनी के लिए 28000 मानदेय लागू किया जाए।, आशा एवं आशा संगिनी को ईपीएफ,ईएसआई एवं यात्रा भत्ता की सुविधा दी जाए, आशा एवं आशा संगिनी को सेवा निवृत्ति के पश्चात , ग्रेजयुटी और 10 लाख का रिटायरमेंट पैकेज का भुगतान किया जाए ।आशा एवं आशा संगिनी को 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा और 50 लाख तक का जीवन बीमा दिया जाए। आशा एवं आशा संगिनी के काम के घंटे और काम का निश्चित स्वरूप तय किया जाए ,गोल्डन आयुष्मान कार्ड और आभा परिचय पत्र के सृजन में किए गए योगदान का सितंबर 2025 तक का 2252 करोड़ एक मुस्त भुगतान किया जाए ,वर्ष 2019 से वर्ष 2024 तक की सभी बकाया राशि का तुरंत भुगतान किया जाए ,निजी अस्पतालों एवं सरकारी अस्पतालों में आशा कर्मियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर रोक लगाई जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए ।जिला एवं राज्य स्तर पर सभी संबंधित कार्यालय में लैंगिक शोषण के खिलाफ जेंडर सेल का निर्माण किया जाए, इस प्रकार आशाओं ने अपने 10 मांगों का ज्ञापन प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ मंजीत सिंह को आशा यूनियन ब्लॉक अध्यक्ष मंजू जोशी के नेतृत्व में दिया कहां मांगे ना माने जाने पर मजबूर होकर आशाओं को उत्तर प्रदेश की ही तरह आंदोलन की राह अपनानी पड़ेगी। ज्ञापन देने में कोषाध्यक्ष सुनीता जोशी, सचिव रोशनी ,महासचिव नंदा मेहता ,सदस्य उषा देवी, दीपा सामंत ममता पंत ,हेमा जोशी, रोशनी रेनू तिवारी ,निर्मला देवी ,नीलम विमला ,जानकी ,हीरा देवी ,राधा देवी व समस्त विकास खंड की आशाएं मौजूद रही।