Sunday 8th of February 2026

ब्रेकिंग

लोहाघाट:किसान का बेटा ही मवेशीयों के मर्म व दर्द को जानता है डॉ जेपी यादव बने गाय के लिए देवदूत।

उत्तरायणी कौतिक में छाए चंपावत मॉडल जिले के जैविक उत्पाद व स्वाद "ब्रांड एंबेसडर" बनी गीता धामी।

लोहाघाट:आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर भव्य हिंदू सम्मेलन राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण का संकल्प।

चंपावत:मां पूर्णागिरी कॉलेज आफ नर्सिंग मे जिला स्तरीय प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्ट प्रतियोगिता का शुभारंभ

लोहाघाट:पॉलिटेक्निक कैमिकल घटना हादसा या लापरवाही। या मानकों का नहीं किया गया था पालन।

: चंपावत :जान हथेली पर रखकर स्कूल जाने को मजबूर छात्राएं

Laxman Singh Bisht

Sun, Jul 23, 2023
चंपावत जिले की नौलपानी की छात्राएं जान हथेली पर रखकर स्कूल जाने को मजबूर उफनती लधीया को रोज करना पड़ता है पार खबर मुख्यमंत्री की विधानसभा चंपावत से है जहां जिले के दूरस्थ नोलापानी क्षेत्र की छात्राएं स्कूल जाने के लिए अपनी जान हथेली में रखकर रोज उफनती लधीया नदी को पार कर जीआईसी आमोरी पहुंचती नदी में झूला पुल ना होने के कारण इन छात्राओं को रोज उफनती लधीया को पार करना पड़ता है इस दौरान उनके साथ कभी भी जानलेवा हादसा हो सकता है स्कूल पहुंचने तक उनके कपड़े तक गीले हो जाते हैं [video width="640" height="360" mp4="https://kalikumaunkhabar.com/storage/2023/07/Video_20230723_112137.mp4"][/video] क्षेत्र के लोगों का कहना है 22 सालों में प्रदेश में कई सरकारें आई और गई कई विधायक आए और गए पर उनकी इस समस्या का समाधान किसी ने नहीं किया समस्या जस की तस बनी हुई है बरसात के मौसम में नदी का पानी काफी ज्यादा बढ़ जाता है और नदी मे पुल ना होने के कारण उनके बच्चों को जान हथेली में रखकर स्कूल जाना पड़ता है तथा नदी के ज्यादा बढ़ने पर वह स्कूल तक नहीं जा पाते हैं बच्चो के स्कूल जाने पर अभिभावकों को दुर्घटना का डर बना रहता है तथा ग्रामीणों को भी कई समस्याओं से जूझना पड़ता है ग्रामीणों ने कहा प्रशासन से कई बार इस स्थान पर झूला पुल बनाने की मांग करी गई पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया ग्रामीणों ने कहा अब हमारे क्षेत्र के विधायक खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हैं उन्हें पूरी आशा है कि मुख्यमंत्री छात्र-छात्राओं की इस समस्या का संज्ञान लेंगे और इस समस्या का जल्द समाधान करेंगे वीडियो में साफ देखा जा सकता है छात्राएं किस तरह उफनती नदी को पार कर रही है उनके साथ कभी भी कोई जानलेवा हादसा वो सकता है मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेना चाहिए वहीं अभिभावकों ने भी सावधानी बरतते हुए पानी ज्यादा होने पर बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहिए कुल मिलाकर इन स्कूली छात्र छात्राओं को शिक्षा लेने के लिए भी अपनी जान को दांव पर लगाना पड़ता है अगर कभी इनके साथ हादसा हो गया तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?

जरूरी खबरें